Royal Indian Hotel: कोलकाता का ऐतिहासिक रेस्टोरेंट

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   रॉयल इंडियन होटल कोलकाता की पुरानी गलियों में, नख़ोदा मस्जिद के पास बाराबाजार इलाके में एक ऐसा रेस्टोरेंट है, जो केवल खाने की जगह नहीं, बल्कि शहर की सांस्कृतिक और स्वाद की विरासत का हिस्सा है रॉयल इंडियन होटल। लगभग 1905 में स्थापित यह रेस्टोरेंट शहर के सबसे पुराने और लगातार चल रहे खाने के स्थलों में से एक माना जाता है।नाम में “होटल” होने के बावजूद, यह जगह  कोलकाता की सबसे पुरानी और पारंपरिक मुग़लई बिरयानी रेस्टोरेंट के रूप में जाना जाता  है। पुराने समय में भारत में कई खाने-पीने के स्थलों को “होटल” कहा जाता था, लेकिन इसका मतलब था कि वे खाना और रुकने की सुविधा दोनों दे सकते थे। आज रॉयल इंडियन होटल मुख्य रूप से खाने के लिए प्रसिद्ध है और इसकी होटल जैसी लॉजिंग सुविधा मौजूद नहीं है। पुराने कोलकाता की खुशबू  रॉयल इंडियन होटल में कदम रखते ही पुराने कोलकाता का माहौल महसूस होता है। दरवाजा खोलते ही मिट्टी और मसालों की हल्की खुशबू, पुराने लकड़ी के फर्नीचर और दीवारों पर लगे पोस्टर्स आपको समय में पीछे ले जाते हैं। यहाँ बैठते ही लगता है जैसे आप ट्राम और घोड़े वाली ग...

चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट: निवेशकों में मची हलचल

 


भारतीय सर्राफा बाजार में पिछले कुछ दिनों से जारी चांदी की रिकॉर्ड तोड़ तेजी पर अचानक ब्रेक लग गया है। हाल ही में चांदी की कीमतों ने ₹4.20 लाख प्रति किलोग्राम के सर्वकालिक उच्च स्तर को छुआ था, लेकिन मुनाफावसूली और वैश्विक दबाव के चलते इसमें एक ही दिन में करीब 15% से 30% तक की भारी गिरावट देखी गई है।

 मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमतें ₹4.20 लाख से गिरकर ₹2.91 लाख से ₹3 लाख के दायरे में आ गई हैं, जिससे उन निवेशकों के बीच हड़कंप मच गया है जिन्होंने ऊंचे दामों पर खरीदारी की थी। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस अचानक आई गिरावट के पीछे मुख्य कारण निवेशकों द्वारा बड़े पैमाने पर की गई मुनाफावसूली है,

 क्योंकि जनवरी महीने में चांदी में 60% से ज्यादा की अकल्पनीय तेजी देखी गई थी। इसके साथ ही डॉलर इंडेक्स में आई मजबूती और अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग में आई सुस्ती ने भी घरेलू कीमतों पर दबाव बनाया है। हालांकि चांदी की औद्योगिक मांग, विशेषकर सौर ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के क्षेत्र में अभी भी मजबूत बनी हुई है, लेकिन वर्तमान तकनीकी सुधार ने बाजार को कुछ हद तक स्थिर करने की कोशिश की है।

 आम खरीदारों के लिए यह एक बड़ी राहत की खबर है, क्योंकि पिछले कुछ हफ्तों से चांदी आम आदमी की पहुंच से बाहर होती जा रही थी। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कीमतें यहाँ से और नीचे जाएंगी या फिर आने वाले बजट सत्र से पहले बाजार में एक बार फिर सुधार देखने को मिलेगा। फिलहाल, विशेषज्ञों की सलाह है कि इस उतार-चढ़ाव वाले माहौल में निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए और जल्दबाजी में कोई भी बड़ा फैसला लेने से बचना चाहिए।


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