ज़ायके का संगम: वो शहर जहाँ की सुबह कढ़ी कचौड़ी की खुशबू से होती है गुलज़ार

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  भारतीय खान-पान की दुनिया में कचौड़ी का नाम आते ही मन में एक करारा और तीखा स्वाद घुल जाता है, लेकिन जब इसी खस्ता कचौड़ी के ऊपर गरमा-गरम चटपटी कढ़ी डाली जाती है, तो वह स्वाद एक नया ही अनुभव बन जाता है। भारत के कई शहरों में कढ़ी-कचौड़ी केवल एक नाश्ता नहीं बल्कि वहाँ की जीवनशैली और संस्कृति का अहम हिस्सा है। राजस्थान का ajmer    शहर इस मामले में सबसे आगे है, जहाँ के केसरगंज और गोल प्याऊ जैसे इलाकों में सुबह होते ही कढ़ी-कचौड़ी की खुशबू हर गली में महकने लगती है। यहाँ की खास बात यह है कि दाल की कचौड़ी को मथकर उसके ऊपर बेसन की पतली और मसालेदार कढ़ी डाली जाती है, जो सेलिब्रिटीज से लेकर आम आदमी तक सबको दीवाना बना देती है। राजस्थान का ही एक और ज़िला bhartpur  अपनी छोटी कचौड़ियों के लिए 'सिटी ऑफ कचौड़ी' के नाम से विख्यात है। यहाँ कढ़ी के साथ छोटी-छोटी कुरकुरी कचौड़ियाँ परोसी जाती हैं, जो बाहरी पर्यटकों के लिए भी एक बड़ा आकर्षण हैं। इसके अलावाjalor  में दही और कढ़ी के साथ कचौड़ी का कॉम्बो काफी लोकप्रिय है। मध्य प्रदेश केindore  औरjallor जैसे शहरों में ...

ग्रीस में 3,100 से अधिक 100 साल की उम्र वाले लोग: लंबी उम्र का रहस्य

 

ग्रीस को दुनिया भर में उसके इतिहास और संस्कृति के लिए जाना जाता है, लेकिन एक और खास बात है जो इसे अलग बनाती है और वह है यहां रहने वाले लोगों की लंबी उम्र। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार ग्रीस में लगभग 3,100 ऐसे लोग हैं जिनकी उम्र 100 वर्ष या उससे अधिक है। इन्हें सेंटेनैरियन कहा जाता है। ग्रीस की कुल जनसंख्या के अनुपात में यह संख्या काफी प्रभावशाली मानी जाती है, खासकर तब जब यह देखा जाए कि इनमें से अधिकतर लोग आज भी अपेक्षाकृत सक्रिय जीवन जीते हैं।

ग्रीस में लोगों की लंबी उम्र का सबसे बड़ा कारण उनकी पारंपरिक जीवनशैली मानी जाती है। यहां का भूमध्यसागरीय भोजन जिसमें जैतून का तेल, हरी सब्जियां, दालें, मछली और कम प्रोसेस किया हुआ खाना शामिल होता है, शरीर को लंबे समय तक स्वस्थ बनाए रखता है। यह आहार दिल की बीमारियों, मधुमेह और अन्य गंभीर रोगों के खतरे को कम करता है, जिससे जीवन प्रत्याशा स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है।

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इसके साथ ही ग्रीस में जीवन की गति अपेक्षाकृत धीमी है। लोग कम तनाव में रहते हैं, रोज़मर्रा के कामों में स्वाभाविक रूप से शारीरिक गतिविधि करते हैं और परिवार व समाज के साथ जुड़े रहते हैं। बुज़ुर्गों को अलग-थलग नहीं किया जाता, बल्कि उन्हें परिवार और समुदाय का अहम हिस्सा माना जाता है, जिससे उनका मानसिक स्वास्थ्य मजबूत बना रहता है।

ग्रीस का इकारिया द्वीप इस मामले में विशेष रूप से प्रसिद्ध है, जहां 100 साल से अधिक उम्र के लोग असामान्य रूप से अधिक संख्या में पाए जाते हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि ग्रीस में लंबी उम्र किसी चमत्कार का परिणाम नहीं बल्कि सादा जीवन, संतुलित भोजन, कम तनाव और सामाजिक जुड़ाव का नतीजा है। ग्रीस के सेंटेनैरियन पूरी दुनिया को यह संदेश देते हैं कि स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली अपनाकर लंबा और गुणवत्तापूर्ण जीवन जिया जा सकता है।

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