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कनॉट प्लेस: जहाँ दिल्ली की धड़कन हर कदम पर सुनाई देती है

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दिल्ली अगर एक कहानी है, तो कनॉट प्लेस उसका सबसे जीवंत अध्याय है। यह सिर्फ इमारतों और दुकानों का गोल दायरा नहीं, बल्कि इतिहास, आधुनिकता और लोगों की भावनाओं का संगम है। जैसे ही कोई यहाँ कदम रखता है, शहर की रफ्तार, उसकी रौनक और उसकी यादें एक साथ महसूस होने लगती हैं। सफ़ेद खंभों वाली गोलाकार इमारतें आज भी अंग्रेज़ी दौर की गवाही देती हैं, लेकिन उनके बीच बहती ज़िंदगी पूरी तरह आज की दिल्ली की है। सुबह के समय कनॉट प्लेस शांत और सलीकेदार लगता है। दफ्तरों की ओर बढ़ते लोग, हाथ में कॉफी लिए युवा और अख़बार पढ़ते बुज़ुर्ग—सब मिलकर इसे एक सभ्य, सधी हुई पहचान देते हैं। जैसे-जैसे दिन चढ़ता है, यहाँ की गलियाँ रंगों और आवाज़ों से भर जाती हैं। कहीं ब्रांडेड शोरूम्स की चमक है तो कहीं फुटपाथ पर बैठा कलाकार अपनी कला से लोगों को रोक लेता है। यह जगह अमीरी और आम आदमी के बीच की दूरी को पाटती हुई नज़र आती है। कनॉट प्लेस की असली जान इसकी विविधता में है। यहाँ पुराने किताबों की खुशबू भी है और नए कैफे की कॉफी की भाप भी। किसी को अगर दिल्ली को समझना हो, तो उसे कनॉट प्लेस में कुछ घंटे बिताने चाहिए। यहाँ की सेंट्रल पार्क...

मशहूर गायक अरिजीत सिंह ने संगीत की दुनिया प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास की घोषणाकी।

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  शहूर गायक    अरिजीत सिंह  ने संगीत की दुनिया में अपने करोड़ों प्रशंसकों को उस वक्त हैरान कर दिया जब उन्होंने  27 जनवरी 2026  को इंस्टाग्राम के जरिए  प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास  की घोष   णाकी।  उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अब फिल्मों के लिए नए गाने नहीं गाएंगे, हालांकि वह अपनी पहले से तय प्रतिबद्धताओं को पूरा करेंगे और अपने स्वतंत्र म्यूजिक लेबल  'ओरियन म्यूजिक' (Oriyon Music)  के जरिए स्वतंत्र कलाकार के तौर पर संगीत बनाना जारी रखेंगे।  अरिजीत ने इस फैसले के पीछे संगीत सीखने और एक छोटे कलाकार के रूप में खुद को विकसित करने की इच्छा जाहिर की है, जिससे उनके चाहने वालों के बीच 'एक युग का अंत' होने जैसी भावनाएं उमड़ पड़ी हैं।

पहाड़ों पर कुदरत का सफ़ेद श्रृंगार: एक जादुई अहसास

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  जनवरी का आखिरी सप्ताह हिमालय की गोद में बसे शहरों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं है। लंबे इंतज़ार के बाद जब आसमान से रुई के फाहों की तरह बर्फ़ की चादर गिरनी शुरू हुई, तो पहाड़ों का मंज़र ही बदल गया। जम्मू-कश्मीर के   तक, हर तरफ़ सिर्फ़ सफ़ेदी का राज है।    की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के चलते उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में भारी बर्फ़बारी हो रही है, जिससे पूरा क्षेत्र 'विंटर वंडरलैंड' में तब्दील हो गया है। बर्फ़ की इस मखमली परत ने जहाँ पर्यटकों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरी है, वहीं स्थानीय जनजीवन के लिए यह एक चुनौती भी बनकर आई है।  शिमला  और  मनाली  जैसे प्रमुख हिल स्टेशनों पर सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है, जिससे सड़कों पर लंबा जाम देखने को मिल रहा है।  The Hindu  की खबरों के मुताबिक, भारी बर्फ़बारी के कारण हिमाचल प्रदेश में 500 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं और बिजली की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। अटल टनल के पास गाड़ियों की आवाजाही रोक दी गई है, फिर भी बर्फ़ का दीदार करने का जुन...