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फ़रवरी 24, 2026 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

गुजिया और ठंडाई के साथ मनाएं होली

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  इन दोनों व्यंजनों की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जड़ें त्योहार की परंपराओं में गहराई से समाई हुई हैं।  गुजिया आटे से बनी मीठी प्यालियाँ होती हैं, जिनमें खोया (गाढ़ा दूध), सूखे मेवे और मेवों का मिश्रण भरा जाता है। इन स्वादिष्ट प्यालियों को तलकर फिर चीनी की चाशनी में डुबोया जाता है। ये होली उत्सव का एक अभिन्न अंग हैं, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, राजस्थान और बिहार जैसे क्षेत्रों में।  होली के दौरान गुजिया बनाने की परंपरा भगवान कृष्ण की पौराणिक कथा से जुड़ी मानी जाती है। ऐसा कहा जाता है कि भगवान कृष्ण, जो एक चंचल देवता थे, रंगों के त्योहार होली के दौरान शरारतें करने का आनंद लेते थे। उन्हें विशेष रूप से मिठाइयाँ और गुजिया बहुत पसंद थीं।  इसलिए, भगवान कृष्ण को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए, लोग होली के दौरान गुजिया बनाकर भोग लगाते हैं और उन्हें मित्रों, परिवार और पड़ोसियों में बाँटते हैं।  ठंडाई एक शीतल पेय है जो दूध, बादाम, सौंफ, गुलाब की पंखुड़ियाँ, इलायची और केसर जैसी विभिन्न सामग्रियों के मिश्रण से बनता है।  इसे परंपरागत रूप से ठंडा परोसा जाता है और होली के दौरान, ...

गिनीज़ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ भारत का एआई संकल्प

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  भारत ने 24 घंटों के भीतर एआई रिस्‍पॉन्सिबिलिटी कैम्‍पेन के लिए सर्वाधिक प्रतिज्ञाएँ प्राप्त करने का खिताब हासिल कर गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया। 16 से 17 फरवरी के बीच कुल 2,50,946 वैध प्रतिज्ञाएँ दर्ज की गईं थीं , जो प्रारंभिक 5,000 के लक्ष्य से कहीं अधिक हैं। यह केवल एक विश्व रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि एक युवा राष्ट्र की स्पष्ट मंशा की घोषणा है, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता को नैतिक चेतना के साथ आकार देने का निर्णय ले रहा है। गिनीज़ की मान्यता एक विशेष क्षण को चिह्नित करती है, किंतु उसके पीछे का संकल्प कहीं अधिक गहरा है। भारत अवसंरचना में निवेश कर रहा है, अनुसंधान को प्रोत्साहित कर रहा है, कौशल विकास की श्रृंखलाओं को सुदृढ़ बना रहा है और अपनी युवा पीढ़ी को उभरती प्रौद्योगिकी की नैतिक दिशा निर्धारित करने के लिए आमंत्रित कर रहा है। यह रिकॉर्ड भले ही 24 घंटों में स्थापित हुआ हो, परंतु यह जिस वचनबद्धता का प्रतिनिधित्व करता है, वह पीढ़ियों तक कायम रहने वाली है। युवाएआई फॉर ऑल नामक एक निःशुल्क राष्ट्रीय एआई साक्षरता पाठ्यक्रम भी संचालित किया जा रहा है, जो ग्यारह भारतीय भाषाओं...

भारत - संपूर्ण एआई जगत का मिलन स्थल बना

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  नई दिल्ली में फरवरी की एक सुहावनी सुबह में, भारत मंडपम के कांच का अग्रभाग केवल सूर्य की रोशनी को ही नहीं, बल्कि संभावनाओं को भी प्रतिबिंबित करता है। इसके भीतर, तेरह देशों के मंडप एक विशाल चाप में खड़े हैं, जिनमें से प्रत्येक अपने इरादे का प्रतीक है। ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, स्विट्जरलैंड, सर्बिया, एस्टोनिया, ताजिकिस्तान और एक सामूहिक अफ्रीकी मंडप, सभी अपने विचारों, निवेशों और महत्वाकांक्षाओं के साथ यहां पहुंचे हैं। यही इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का मुख्य आकर्षण है। दुनिया सिर्फ इसमें भाग लेने नहीं आई है, बल्कि सहयोग करने आई है। तेरह देशों के मंडप उन शब्दों को एक अलग रूप देते हैं। फ्रेंच पवेलियन, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन और प्रधानमंत्री मोदी के दौरे पर, 29 कंपनियों ने फ्रांस की तकनीकी श्रेष्ठता का प्रदर्शन किया। यह दौरा भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष की ऊर्जावान शुरुआत का प्रतीक है। राष्ट्रपति मैक्रॉन ने खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारत ने वह हासिल किया है जो किसी अन्य देश ने नहीं किया है। 1.4 बिलियन लोगों की एक डिजिटल पहचान, हर ...

गुरूग्राम में रंगबिरंगा सरस आजीविका मेला 2026

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  गुरूग्राम की शीशे की इमारतों पर सूरज की सुनहरी किरणें शाम ढलने के साथ ही सुर्ख पड़ती जाती हैं। इस साइबर सिटी के सेक्टर 29 में लीजर वैली पार्क के गेट एक सतरंगी दुनिया में खुलते हैं। यह दुनिया इस्पात और शीशे की चमक से नहीं, बल्कि हाथ से बुने रेशम और बांस की कारीगरी से रोशन है। यहां मसालों की खुशबू तथा गीतों और कहानियों का राज है। अपने दफ्तरों से निकल कर पार्क के सामने से गुजरने वालों के पैरों की रफ्तार  खुद-ब-खुद धीमी पड़ जाती है। शहर ने कॉरपोरेट धुन पर थिरकना कुछ दिनों के लिए बंद कर दिया है। अब वह लोक संगीत की लहरों पर झूमता हुआ अलग-अलग इलाकों के ताजा व्यंजनों की खुशबूओं से सराबोर है। सरस आजीविका मेला 2026 ने इस शहर को ग्रामीण भारत के जीवंत कैनवस में तब्दील कर दिया है। 10 से 26 फरवरी तक चलने वाला यह राष्ट्रीय मेला नुमाइश के बजाय समूचे देश के सफर जैसा लगता है। इसने 28 राज्यों से स्वयं सहायता समूहों की 900 ये ज्यादा महिला उद्यमियों के हाथों के हुनर को पार्क की चौहद्दी में बिखेर दिया है। राज्यों के पवेलियन में लगे 450 से ज़्यादा स्टॉल के साथ, इस मेले को “मिनी इंडिया” कहा जाता है,...