भीमबेटका: मानव सभ्यता के आरंभ का अद्भुत प्रमाण
भीमबेटका की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में स्थित भीमबेटका भारत की सबसे महत्वपूर्ण प्रागैतिहासिक धरोहरों में से एक है। विंध्य पर्वतमाला की चट्टानों के बीच बसे ये प्राकृतिक रॉक शेल्टर्स हजारों वर्षों की मानव यात्रा का सजीव साक्ष्य प्रस्तुत करते हैं। वर्ष 2003 में यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त भीमबेटका न केवल भारत बल्कि दुनिया के सबसे मूल्यवान पुरातात्विक स्थलों में शामिल है। यहाँ की चट्टानों पर बने शैलचित्र मानव सभ्यता, जीवनशैली, शिकार, नृत्य, सामाजिक गतिविधियों और प्रकृति के प्रति उनके जुड़ाव को अत्यंत जीवंत रूप में दर्शाते हैं। लाल, सफेद, पीले और हरे रंगों में बने ये चित्र लगभग दस हजार से तीस हजार वर्ष पुराने माने जाते हैं, जो यह सिद्ध करते हैं कि कला का इतिहास मनुष्य के इतिहास जितना ही प्राचीन है। Read Also: प्रतापगढ़ विलेज थीम रिज़ॉर्ट Haryana — शहर के शोर से दूर देहात की सुकून भरी झलक प्राकृतिक सौंदर्य और शैलचित्रों की विशेषताएँ भीमबेटका की गुफाएँ केवल चित्रों का संग्रह नहीं हैं, बल्कि यह वह स्थान ह...