भारत के पतंग उत्सव रंग उमंग और परंपराओं का अनोखा संगम
भारत विविधताओं का देश है, जहाँ हर मौसम और हर पर्व अपने साथ खुशियों की नई रंगत लेकर आता है। इन्हीं पर्वों में पतंग उत्सव का विशेष स्थान है। जैसे ही सर्दी विदा लेने लगती है और बसंत की आहट सुनाई देती है, वैसे ही आकाश रंग-बिरंगी पतंगों से सज उठता है। पतंग उत्सव केवल एक खेल नहीं, बल्कि उत्साह, मेल-जोल और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। पतंग उड़ाने की परंपरा भारत में सदियों पुरानी मानी जाती है। पहले के समय में राजा-महाराजा इसे मनोरंजन और कौशल प्रदर्शन के रूप में अपनाते थे, वहीं आज यह पर्व आमजन के जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। छतों पर परिवार और मित्रों का एकत्र होना, ढोल-नगाड़ों की धुन, स्वादिष्ट पकवानों की खुशबू और आसमान में लहराती पतंगें इस उत्सव को खास बना देती हैं। भारत के विभिन्न राज्यों में पतंग उत्सव को अलग-अलग नामों और तरीकों से मनाया जाता है। गुजरात में मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव विश्वभर में प्रसिद्ध है। इस दौरान देश-विदेश से आए पतंगबाज अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं और अहमदाबाद का आकाश रंगों से भर जाता है। राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदे...