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लोग कहते हैं दुनिया तेजी से बदल रही है, लेकिन किस दिशा में ?

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  अक्सर लोगों को कहते सुना जाता है कि दुनिया बहुत तेजी से बदल रही है। पहले जैसा समय अब नहीं रहा। तकनीक बदल गई है, लोगों की सोच बदल रही है और जिंदगी जीने का तरीका भी पहले से अलग हो गया है। लेकिन कभी आपने रुककर सोचा है कि आखिर यह दुनिया बदल किस दिशा में रही है? क्या हम सच में बेहतर भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं, या सिर्फ हमारी जिंदगी की रफ्तार तेज हो गई है? तकनीक आगे बढ़ रही है, इंसान कितना आगे बढ़ा है? आज मोबाइल फोन के जरिए दुनिया के किसी भी कोने में बैठे व्यक्ति से कुछ ही सेकंड में बात की जा सकती है। इंटरनेट ने जानकारी को हमारी उंगलियों तक पहुँचा दिया है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे नए साधन कई कामों को आसान बना रहे हैं। जो काम पहले घंटों या दिनों में होते थे, उनमें से कई अब कुछ मिनटों में पूरे हो जाते हैं। यह बदलाव निश्चित रूप से हमारी जिंदगी को सुविधाजनक बना रहा है। लेकिन एक सवाल अब भी बाकी है। क्या तकनीक के आगे बढ़ने के साथ इंसान के भीतर भी उतना ही बदलाव आया है? हमारे पास दूसरों से जुड़े रहने के अधिक साधन हैं, फिर भी कई बार अपने ही लोगों के लिए समय निकालना मुश्किल हो जाता है। जिंदगी...

चीन के ग्वांगझोउ में भारतीय शाकाहार की खुशबू: शर्मा जी की ऐतिहासिक यात्रा

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  जब कोई भारतीय स्वाद विदेश की धरती पर अपनी जड़ें जमा लेता है, तो वह केवल एक रेस्टोरेंट नहीं रहता, बल्कि वह यादों, संस्कृति और अपनत्व का ठिकाना बन जाता है। चीन के व्यस्त और आधुनिक महानगर ग्वांगझोउ में स्थित SHARMAJI ऐसा ही एक नाम है, जिसने वर्ष 1999 में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए ग्वांगझोउ का पहला पूर्णतः शुद्ध शाकाहारी भारतीय रेस्टोरेंट शुरू किया। उन्नीस सौ निन्यानवे का वह दौर ग्वांगझोउ के लिए तेज़ बदलावों का समय था। अंतरराष्ट्रीय व्यापार अपने पांव पसार रहा था और बड़ी संख्या में भारतीय व्यापारी, उद्योगपति और पेशेवर इस शहर की ओर रुख कर रहे थे। लेकिन विदेशी माहौल में एक बड़ी कमी साफ़ महसूस होती थी,घर जैसा शुद्ध भारतीय शाकाहारी भोजन। इसी कमी ने शर्माजी के जन्म की कहानी लिखी। Read Also : लक्षद्वीप पर्यटन राज्य – tourism of india एक ऐसे देश में, जहाँ भोजन की परंपराएँ बिल्कुल अलग हैं, वहाँ शुद्ध शाकाहारी भारतीय रसोई स्थापित करना आसान नहीं था। फिर भी शर्माजी ने शुरुआत से ही अपने सिद्धांतों को मजबूती से थामे रखा। यहाँ भोजन केवल स्वाद के लिए नहीं, बल्कि विश्वास और संस्कार के साथ पर...