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ओणम — केरल का प्रमुख त्योहार

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  ओणम केरल का सबसे प्रसिद्ध और महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। यह त्योहार खुशहाली, प्रेम, भाईचारे और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।   ओणम मुख्य रूप से राजा महाबली की याद में मनाया जाता है। मान्यता है कि राजा महाबली अपनी प्रजा से मिलने हर वर्ष केरल आते हैं।ओणम के अवसर पर घरों के आंगन में रंग-बिरंगे फूलों से पुक्कलम बनाया जाता है। लोग नए कपड़े पहनते हैं और पारंपरिक ओणम सद्या का आनंद लेते हैं। केरल की प्रसिद्ध नौका दौड़ , लोकनृत्य और पारंपरिक कार्यक्रम इस त्योहार को और भी आकर्षक बना देते हैं। ओणम हमें प्रेम, समानता और मिल-जुलकर रहने का संदेश देता है। यही कारण है कि यह त्योहार केरल की संस्कृति और परंपरा की सुंदर पहचान माना जाता है। 

मथुरा की सबसे मशहूर लस्सी, जिसे पीने दूर-दूर से आते हैं लोग

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  Mathura के मशहूर चौक बाजार में स्थित नत्थू यादव लस्सी वाले अपनी पारंपरिक देसी लस्सी के लिए खास पहचान रखते हैं। गर्मियों का मौसम शुरू होते ही यहां सुबह से ही लोगों की भीड़ लगनी शुरू हो जाती है। मथुरा घूमने आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक उनकी प्रसिद्ध लस्सी का स्वाद लेना अपनी यात्रा का हिस्सा मानते हैं। इनका चर्चित संवाद — “जो पियेगा हमारी लस्सी, वह जिएगा 80” — आज भी लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है। यह लाइन सिर्फ मजाक नहीं, बल्कि वर्षों से कायम स्वाद और भरोसे की पहचान बन चुकी है। पुरानी परंपरा और देसी अंदाज के साथ यह दुकान आज भी लोगों को वही खास स्वाद परोस रही है। यहां की गाढ़ी, ठंडी और मलाई से भरपूर लस्सी मिट्टी के कुल्हड़ में दी जाती है, जिससे इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है। कुल्हड़ की सोंधी खुशबू और ऊपर जमी ताजी मलाई हर घूंट को खास बना देती है। यही वजह है कि लोग दूर-दूर से यहां की लस्सी पीने पहुंचते हैं। सुबह से लेकर देर शाम तक दुकान पर ग्राहकों की लंबी कतार देखने को मिलती है। स्थानीय लोगों के अलावा बाहर से आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक भी यहां जरूर पहुंचते हैं। Shri Krishna Janmab...