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लोग कहते हैं दुनिया तेजी से बदल रही है, लेकिन किस दिशा में ?

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  अक्सर लोगों को कहते सुना जाता है कि दुनिया बहुत तेजी से बदल रही है। पहले जैसा समय अब नहीं रहा। तकनीक बदल गई है, लोगों की सोच बदल रही है और जिंदगी जीने का तरीका भी पहले से अलग हो गया है। लेकिन कभी आपने रुककर सोचा है कि आखिर यह दुनिया बदल किस दिशा में रही है? क्या हम सच में बेहतर भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं, या सिर्फ हमारी जिंदगी की रफ्तार तेज हो गई है? तकनीक आगे बढ़ रही है, इंसान कितना आगे बढ़ा है? आज मोबाइल फोन के जरिए दुनिया के किसी भी कोने में बैठे व्यक्ति से कुछ ही सेकंड में बात की जा सकती है। इंटरनेट ने जानकारी को हमारी उंगलियों तक पहुँचा दिया है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे नए साधन कई कामों को आसान बना रहे हैं। जो काम पहले घंटों या दिनों में होते थे, उनमें से कई अब कुछ मिनटों में पूरे हो जाते हैं। यह बदलाव निश्चित रूप से हमारी जिंदगी को सुविधाजनक बना रहा है। लेकिन एक सवाल अब भी बाकी है। क्या तकनीक के आगे बढ़ने के साथ इंसान के भीतर भी उतना ही बदलाव आया है? हमारे पास दूसरों से जुड़े रहने के अधिक साधन हैं, फिर भी कई बार अपने ही लोगों के लिए समय निकालना मुश्किल हो जाता है। जिंदगी...

फोटोग्राफर रघु राय: एक लेंस, हज़ार कहानियाँ

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रघु राय: भारतीय फोटोग्राफी का परिचय भारतीय फोटोग्राफी का नाम आते ही अगर किसी एक कलाकार का चेहरा याद आता है, तो वह हैं रघु राय। छह दशक से अधिक समय से रघु राय ने देश के सामाजिक, राजनीतिक और मानवीय पहलुओं को अपनी तस्वीरों में सहेजा है। प्रारंभिक जीवन और फोटोग्राफी की शुरुआत जन्म और परिवार रघु राय का जन्म 1942 में झंग (अब पाकिस्तान में) हुआ था। विभाजन के बाद उनका परिवार दिल्ली आ गया। करियर की शुरुआत शुरू में उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की, लेकिन बड़े भाई एस. पॉल ने उन्हें फोटोग्राफी अपनाने के लिए प्रेरित किया। 1966 में रघु राय ने The Statesman अखबार में बतौर फोटोजर्नलिस्ट काम शुरू किया और यहीं से उनकी पहचान बनी। अंतरराष्ट्रीय पहचान और Magnum Photos 1971 में विश्वप्रसिद्ध फोटोग्राफर हेनरी कार्टियर-ब्रेसॉं ने रघु राय के काम को देखकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय एजेंसी Magnum Photos के लिए अनुशंसा की। यहीं से भारतीय फोटोग्राफी को वैश्विक पहचान मिली। प्रमुख कार्य और सामाजिक दस्तावेज़ बांग्लादेश युद्ध और इंदिरा गांधी की हत्या रघु राय की कैमरे की नज़र ने भारत के हर रंग को कैद किया, ...