भोपाल को झीलों का शहर क्यों कहा जाता है
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल अपनी खूबसूरती, ऐतिहासिक विरासत और शांत वातावरण के लिए पूरे भारत में जानी जाती है। लेकिन भोपाल को जो पहचान सबसे अलग बनाती है, वह है इसका नाम , झीलों का शहर। यह नाम यूँ ही नहीं पड़ा, बल्कि इसके पीछे भोपाल की भौगोलिक बनावट, इतिहास और यहाँ मौजूद कई झीलों का महत्वपूर्ण योगदान है। भोपाल की झीलें: शहर की पहचान भोपाल में बड़ी और छोटी मिलाकर 14 से अधिक झीलें हैं, जो इसे भारत के सबसे हरे-भरे और जल-समृद्ध शहरों में शामिल करती हैं। शहर की दो प्रमुख झीलें, बड़ा तालाब और छोटा तालाब भोपाल की पहचान बन चुकी हैं। बड़ा तालाब, जिसे 11वीं शताब्दी में राजा भोज द्वारा बनवाया गया था, भारत की सबसे बड़ी मानव-निर्मित झीलों में से एक है। यह झील न केवल शहर की सुंदरता बढ़ाती है, बल्कि आज भी भोपाल के लाखों लोगों को पीने का पानी उपलब्ध कराती है। इतिहास से जुड़ा झीलों का संबंध भोपाल का इतिहास जल संरक्षण और झील निर्माण से गहराई से जुड़ा हुआ है। मान्यता है कि राजा भोज एक गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। वैद्यों की सलाह पर उन्होंने कई जल स्रोतों को जोड़कर एक विशाल झील का निर्माण कर...