कॉलेज की पढ़ाई पूरी होने के बाद हाथ में डिग्री और आंखों में बेहतर भविष्य का सपना लिए हर साल लाखों युवा नौकरी की तलाश शुरू करते हैं। किसी को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता का इंतजार है, तो कोई निजी कंपनियों में लगातार आवेदन कर रहा है। कुछ युवा ऐसे भी हैं, जिन्हें नौकरी तो मिल रही है, लेकिन वेतन उनकी योग्यता और उम्मीदों के अनुरूप नहीं है। सवाल सिर्फ बेरोजगारी का नहीं है। सवाल यह भी है कि शिक्षा पर वर्षों खर्च करने के बावजूद युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार अवसर क्यों नहीं मिल पा रहे हैं? डिग्री और नौकरी के बीच बढ़ती दूरी भारत में उच्च शिक्षा का विस्तार हुआ है। छोटे शहरों और कस्बों से भी बड़ी संख्या में छात्र इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट और अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की ओर बढ़ रहे हैं। लेकिन डिग्री हासिल करना और नौकरी के लिए तैयार होना दो अलग बातें हैं। कई नियोक्ता अब शैक्षणिक योग्यता के साथ व्यावहारिक अनुभव, तकनीकी दक्षता, संवाद क्षमता और समस्या सुलझाने की योग्यता को भी महत्व देते हैं। ऐसे में केवल परीक्षा पास करने पर केंद्रित शिक्षा युवाओं की मुश्किलें बढ़ा सकती है। हालांकि रोजगार की कमी का प...
आगरा में ताज महोत्सव: दिखेगी लोक संस्कृति की अनूठी छटा 18 FEB.2026 to ten days
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आगरा। शिल्प, कला और संस्कृति के उत्सव ताज महोत्सव का रंगारंग शुभारंभ बुधवार को होगा। फतेहाबाद रोड स्थित महोत्सव स्थल पर देश के कोने-कोने से शिल्पी पहुुंचना शुरू हो गए हैं। टाटा ग्राउंड लघु भारत बन गया है। वंदे मातरम के 150वें वर्ष में हो रहे महोत्सव की थीम 'वंदे मातरम: परंपरा एवं राष्ट्र का गौरव' के अनुरूप महोत्सव स्थल तिरंगे के रंग में रंगा नजर आ रहा है।
बुधवार शाम यहां 'उत्तर प्रदेश के रंग' में प्रदेश की लोक संस्कृति की छटा छाएगी। 120 कलाकार रंगारंग प्रस्तुति देंगे। संस्कृति विभाग में पंजीकृत कलाकार मंगलवार शाम महोत्सव स्थल पर रिहर्सल करते नजर आए।
टाटा ग्राउंड में पहुंचे देश के कोने-कोने से पहुंच रहे शिल्पी
ताज महोत्सव की शुरुआत वर्ष 1992 में शिल्पग्राम में हुई थी। शिल्पग्राम में यूनिटी मॉल के निर्माण और वहां सीमित स्थान उपलब्ध होने से पहली बार महोत्सव का आयोजन टाटा ग्राउंड में किया जा रहा है। महोत्सव की पूर्व संध्या में मंगलवार को यहां कलाकार रिहर्सल में जुटे रहे। साउंड टेस्टिंग की गई। यहां बनाए गए शॉपिंग जोन में स्टॉल लगाने को सुबह से ही देश के कोने-कोने से शिल्पियों का पहुंचना शुरू हाे गया था। स्टॉल आवंटन होने के बाद वह स्थान परिवर्तन को मशक्कत करते नजर आए। बच्चाें के लिए फन जोन बनाया गया है।
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