पचमढ़ी: ब्रिटिश काल का हिल स्टेशन और मध्य प्रदेश का स्वर्ग
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भारत में जब भी हिल स्टेशन की बात होती है, तो ज़्यादातर लोग शिमला, मनाली या नैनीताल का नाम लेते हैं। लेकिन मध्य भारत में बसा एक ऐसा हिल स्टेशन भी है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता, शांति और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है पचमढ़ी। इसे "सतपुड़ा की रानी" भी कहा जाता है।
पचमढ़ी कहाँ स्थित है?
पचमढ़ी, मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम (होशंगाबाद) ज़िले में स्थित है। यह सतपुड़ा पर्वत श्रृंखला में बसा हुआ राज्य का एकमात्र हिल स्टेशन है। समुद्र तल से लगभग 1067 मीटर की ऊँचाई पर स्थित होने के कारण यहाँ का मौसम साल भर सुहावना रहता है।
पचमढ़ी का इतिहास और धार्मिक महत्व
पचमढ़ी का नाम "पंच मढ़ी" से बना है, जिसका अर्थ है पाँच गुफाएँ। मान्यता है कि महाभारत काल में पांडव अपने अज्ञातवास के दौरान यहाँ ठहरे थे। आज भी यहाँ स्थित पांडव गुफाएँ इस कथा की गवाही देती हैं। ब्रिटिश काल में पचमढ़ी को मध्य प्रदेश का एक कॉलोनियल हिल स्टेशन बनाया गया। पचमढ़ी की खोज का श्रेय कैप्टन जेम्स फोर्सिथ को जाता है। फोर्सिथ ब्रिटिश आर्मी में एक अधिकारी थे और उन्होंने सतपुड़ा पर्वतमाला की खोजबीन के दौरान पचमढ़ी की खूबसूरती को पहचाना। उन्होंने इस जगह को ब्रिटिश अधिकारियों और पर्यटकों के लिए एक आरामदायक हिल स्टेशन के रूप में विकसित करने की योजना बनाई। फोर्सिथ ने पचमढ़ी की ऊँचाई, ठंडी जलवायु और हरियाली का जायजा लिया और इसे ब्रिटिश प्रशासन के लिए उपयुक्त मनोरंजन स्थल माना। उनकी योजना और योगदान के कारण ही पचमढ़ी धीरे-धीरे मध्य प्रदेश का एक प्रसिद्ध हिल स्टेशन बन गया। इसके अलावा फोर्सिथ पॉइंट (प्रियदर्शिनी पॉइंट) उनका नाम आज भी याद दिलाता है, क्योंकि यही वह स्थान था जहाँ से उन्होंने इस हिल स्टेशन की खोज की थी।
पचमढ़ी के प्रमुख पर्यटन स्थल
बी फॉल (Bee Fall) पचमढ़ी का सबसे प्रसिद्ध झरना है। यहाँ गिरता हुआ पानी और आसपास की हरियाली मन को बेहद सुकून देती है। यह जगह फोटोग्राफी और नेचर लवर्स के लिए स्वर्ग जैसी है। धूपगढ़ सतपुड़ा की सबसे ऊँची चोटी है। यहाँ से सूर्योदय और सूर्यास्त का दृश्य देखने लायक होता है। साफ मौसम में दूर-दूर तक फैले जंगल दिखाई देते हैं। पांडव गुफाएँ प्राचीन गुफाएँ हैं, जो पचमढ़ी की ऐतिहासिक पहचान हैं। शांत वातावरण और प्राचीन संरचना इसे एक खास जगह बनाती है। जटा शंकर गुफा भगवान शिव को समर्पित है और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। प्राकृतिक रूप से बनी शिवलिंग जैसी संरचना यहाँ का मुख्य आकर्षण है। प्रियदर्शिनी पॉइंट (फोर्सिथ पॉइंट) वह स्थान है जहाँ से पचमढ़ी की खोज की गई थी। यहाँ से घाटियों और जंगलों का खूबसूरत नज़ारा दिखाई देता है।
पचमढ़ी का मौसम और घूमने का सही समय
पचमढ़ी घूमने के लिए अक्टूबर से मार्च का समय सबसे अच्छा माना जाता है। गर्मियों में यहाँ का तापमान ठंडा रहता है। मानसून में हरियाली अपने चरम पर होती है। सर्दियों में हल्की ठंड और धुंध इस जगह को और भी रोमांटिक बना देती है।
पचमढ़ी कैसे पहुँचें
रेल मार्ग: सबसे नज़दीकी रेलवे स्टेशन पिपरिया है, जो पचमढ़ी से लगभग 50 किमी दूर है। सड़क मार्ग: भोपाल, इंदौर और जबलपुर से पचमढ़ी के लिए बस और टैक्सी आसानी से उपलब्ध हैं। हवाई मार्ग: सबसे नज़दीकी एयरपोर्ट भोपाल है, जहाँ से सड़क मार्ग द्वारा पचमढ़ी पहुँचा जा सकता है।
पचमढ़ी में ठहरने की व्यवस्था
पचमढ़ी में हर बजट के अनुसार होटल, रिसॉर्ट और सरकारी लॉज उपलब्ध हैं। मध्य प्रदेश टूरिज्म के होटल भी साफ-सुथरे और भरोसेमंद माने जाते हैं।
क्यों खास है पचमढ़ी
पचमढ़ी में प्रदूषण-मुक्त वातावरण है। घने जंगल और वन्य जीवन इसे और भी खूबसूरत बनाते हैं। यहाँ धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों का संगम देखने को मिलता है। यह भीड़-भाड़ से दूर शांति का अनुभव कराने वाला हिल स्टेशन है और ब्रिटिश काल का हिल स्टेशन होने के कारण ऐतिहासिक महत्व भी रखता है। कैप्टन जेम्स फोर्सिथ की खोज और विकास के कारण पचमढ़ी आज भी मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में गिना जाता है।
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