ज़ायके का संगम: वो शहर जहाँ की सुबह कढ़ी कचौड़ी की खुशबू से होती है गुलज़ार

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  भारतीय खान-पान की दुनिया में कचौड़ी का नाम आते ही मन में एक करारा और तीखा स्वाद घुल जाता है, लेकिन जब इसी खस्ता कचौड़ी के ऊपर गरमा-गरम चटपटी कढ़ी डाली जाती है, तो वह स्वाद एक नया ही अनुभव बन जाता है। भारत के कई शहरों में कढ़ी-कचौड़ी केवल एक नाश्ता नहीं बल्कि वहाँ की जीवनशैली और संस्कृति का अहम हिस्सा है। राजस्थान का ajmer    शहर इस मामले में सबसे आगे है, जहाँ के केसरगंज और गोल प्याऊ जैसे इलाकों में सुबह होते ही कढ़ी-कचौड़ी की खुशबू हर गली में महकने लगती है। यहाँ की खास बात यह है कि दाल की कचौड़ी को मथकर उसके ऊपर बेसन की पतली और मसालेदार कढ़ी डाली जाती है, जो सेलिब्रिटीज से लेकर आम आदमी तक सबको दीवाना बना देती है। राजस्थान का ही एक और ज़िला bhartpur  अपनी छोटी कचौड़ियों के लिए 'सिटी ऑफ कचौड़ी' के नाम से विख्यात है। यहाँ कढ़ी के साथ छोटी-छोटी कुरकुरी कचौड़ियाँ परोसी जाती हैं, जो बाहरी पर्यटकों के लिए भी एक बड़ा आकर्षण हैं। इसके अलावाjalor  में दही और कढ़ी के साथ कचौड़ी का कॉम्बो काफी लोकप्रिय है। मध्य प्रदेश केindore  औरjallor जैसे शहरों में ...

सुरेश रैना का नया शॉट : एम्स्टर्डम में इंडियन रेस्टोरेंट

 

भारत के पूर्व महान बल्लेबाज़ सुरेश रैना ने क्रिकेट की दुनिया में जिन उपलब्धियों से अपना नाम बनाया, उनका जिक्र हर क्रिकेट प्रेमी करता है। लेकिन अब क्रिकेट के मैदान से हटकर वे एम्स्टर्डम (नीदरलैंड) के खाने‑पिने के क्षेत्र में भी अपनी छाप छोड़ रहे हैं। सन 2023 में रैना ने यूरोप के दिल एम्स्टर्डम में अपना खुद का इंडियन रेस्टोरेंट “रैना इंडियन रेस्टोरेंट” खोला, जो भारतीय स्वाद का एक अलग ही अनुभव देता है।

सुरेश रैना ने हमेशा से ही खाना बनाने और खाने के प्रति अपने प्रेम का इज़हार सोशल मीडिया पर किया है। उनके इंस्टाग्राम और ट्विटर पेज पर अक्सर उनके किचन के अनुभवों और भारतीय व्यंजनों से जुड़ी पोस्टें देखने को मिलती रही हैं। यही प्यार अब उन्होंने एक बड़े पैमाने पर एक नई पहचान में बदल दिया है, अपने खुद के रेस्टोरेंट के रूप में।

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उनके इस रेस्तरां का उद्देश्य भारत के विविध पाक संस्कृति को यूरोप के लोगों तक पहुँचाना है। यहां मेनू में देश के उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम भारत के स्वादों को शामिल किया गया है, ताकि कोई भी यहाँ आकर भारत के हर हिस्से की खुशबू और स्वाद का आनंद ले सके।

रेस्टोरेंट में भारतीय खाने के कई प्रसिद्ध और दिलचस्प व्यंजन उपलब्ध हैं। मेनू में आपको चिकन चाट, पकोड़े, पनीर टिक्का, टिक्का कबाब, बटर चिकन, बिरयानी, राजमा‑चावल, दाल मखनी, दही भल्ला, पानी पूरी और चाट पापड़ी जैसे लोकप्रिय व्यंजन मिलते हैं। रेस्टोरेंट का वातावरण भी बेहद आकर्षक है। यहाँ क्रिकेट की यादें और रैना के करियर से जुड़ी स्मृतियाँ सजाई गई हैं, जिससे क्रिकेट प्रेमियों को अलग‑सा अनुभव मिलता है। रैना ने खास तौर पर यह कहा है कि वे इस जगह को सिर्फ़ खाना खाने के स्थान के रूप में नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और स्वाद का महोत्सव बनाना चाहते हैं।

जब रैना ने इस रेस्टोरेंट की घोषणा की, तो उनके पुराने क्रिकेट साथी भी खुशी जताई। विकेटकीपर‑बल्लेबाज़ विराट कोहली सहित कई खिलाड़ियों ने उन्हें बधाई दी और कहा कि जब भी वे एम्स्टर्डम आएँगे, वे ज़रूर यहाँ आएँगे।

आज यह रेस्टोरेंट एम्स्टर्डम में भारतीय स्वाद और सांस्कृतिक विविधता का एक प्रमुख केंद्र बन चुका है, जहाँ लोग न केवल खाना खाते हैं बल्कि भारत के विविध खाने‑पीने के अनुभव को महसूस भी करते हैं।

सुरेश रैना का यह कदम क्रिकेट के बाद उनके करियर का एक नया अध्याय है। जहाँ एक ओर उन्होंने भारतीय खाने को दुनिया के सामने पेश करने का सपना सच किया है, वहीं दूसरी ओर उन्होंने यह साबित किया है कि अच्छा स्वाद और संस्कृति एक साथ भी जिया जा सकता है। यह रेस्टोरेंट न सिर्फ़ भारतीयों बल्कि यूरोप में रहने वाले हर खाने के शौकीन व्यक्ति के लिए एक स्वादिष्ट गंतव्य बन चुका है।

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