चोखी ढाणी जयपुर की एक पहचान
किसी भी यात्रा को हम तक ही आकर खत्म होना चहिये , पर सब जगह एक जैसी नहीं होती कुछ आपको अपने पास बुला लेती है। वैसे तो मै जयपुर में काफी समय रही हूं क्योंकि मैंने बारहवी के बाद की शिक्षा जयपुर से पूरी की थी। जयपुर बेहद ही खूबसूरत जगह है मैं अपने हिसाब से बोलू तो मेरा दूसरा घर।जहा मुझे कभी नहीं लगा के मैं यहां सिर्फ अप शिक्षा के लिए आए हूं। हमेशा यहां मैंने एक अपनापन पाया। और काफी कुछ सीखने को भी मिला मुझे, 4-5 सालो में मैंने जयपुर के काफी जगह गई जैसे आमेर,जयगढ़, हवा महल,अल्बर्ट हॉल म्यूजियम, नाहरगढ़, पर इतनी जगह देखने के बाद भी मुझे हमेशा यही लगा के की कुछ छूट रहा हैै, जयपुर टोंक रोड पे एक रिसोर्ट जिसका नाम है "चोखी ढाणी "
jaipur से यही कोई पन्द्रह-बीस किलोमीटर दूर चोखी ढाणी स्थित है। मैंने काफी प्रशंसा सुनी थी चोखी ढाणी की। पर कभी जा नहीं पाई। लेकिन ये बेहतरीन अवसर मुझे मिल ही गया। और वो भी अपने ऑफिस की अोर से। मैं बेहद खुश हुई सुन के कि हम कुछ कलीग्स को ऑफिस की ओर से चोखी ढाणी की टिकट दी जाने वाली हैं। क्यों की हमारे ऑफिस से हर माह कुछ employee को best workers का पुरस्कार दिया जाता था। जिनमे मैं भी शामिल थी।. फिर क्या मेरी खुशी और भी दुगनी हो गई ये सुन कर। मुझे और मेरे कुछ कलीग्स को पास मिला और हम सभी काफी उत्सुकता से निकाल पड़े चोखी ढाणी की ओर। जो भी पर्यटक जयपुर शहर की यात्रा करने आते है वो लोग चोखी ढाणी जाने की चाह जरुर रखते हैं। अगर आप भी चोखी ढाणी जाना चाहते हैं या इसके बारे में जानना चाहते हैं तो इस लेख को जरुर पढ़ें, चोखी ढाणी का मतलब होता है "अच्छा गाँव". चोखी ढाणी जयपुर शहर के बीच में 1989 में बनाया गया एक गाँव का मॉडल जो की दस एकड़ में फैला है यहाँ आपको मिलेंगे राजस्थान के अलग अलग इलाको के लोक नृत्य , जिसमे की कालबेलिया नाच सबसे अधिक प्रसिद्ध है इसके अलावा कठपुतली का खेल , कंचे का खेल , इला अरुण, के गीतों पे थिरकते युवक - युवतिया भी यहां देखने को मिलेंगे।

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