Royal Indian Hotel: कोलकाता का ऐतिहासिक रेस्टोरेंट

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   रॉयल इंडियन होटल कोलकाता की पुरानी गलियों में, नख़ोदा मस्जिद के पास बाराबाजार इलाके में एक ऐसा रेस्टोरेंट है, जो केवल खाने की जगह नहीं, बल्कि शहर की सांस्कृतिक और स्वाद की विरासत का हिस्सा है रॉयल इंडियन होटल। लगभग 1905 में स्थापित यह रेस्टोरेंट शहर के सबसे पुराने और लगातार चल रहे खाने के स्थलों में से एक माना जाता है।नाम में “होटल” होने के बावजूद, यह जगह  कोलकाता की सबसे पुरानी और पारंपरिक मुग़लई बिरयानी रेस्टोरेंट के रूप में जाना जाता  है। पुराने समय में भारत में कई खाने-पीने के स्थलों को “होटल” कहा जाता था, लेकिन इसका मतलब था कि वे खाना और रुकने की सुविधा दोनों दे सकते थे। आज रॉयल इंडियन होटल मुख्य रूप से खाने के लिए प्रसिद्ध है और इसकी होटल जैसी लॉजिंग सुविधा मौजूद नहीं है। पुराने कोलकाता की खुशबू  रॉयल इंडियन होटल में कदम रखते ही पुराने कोलकाता का माहौल महसूस होता है। दरवाजा खोलते ही मिट्टी और मसालों की हल्की खुशबू, पुराने लकड़ी के फर्नीचर और दीवारों पर लगे पोस्टर्स आपको समय में पीछे ले जाते हैं। यहाँ बैठते ही लगता है जैसे आप ट्राम और घोड़े वाली ग...

भीड़ से दूर पहाड़ों की शांति: उत्तराखंड का नया हिल स्टेशन खिरसू

 

उत्तराखंड हमेशा से हिल स्टेशनों के लिए जाना जाता रहा है। 2026 में राज्य के पौड़ी गढ़वाल जिले में स्थित खिरसू ने भारतीय ट्रैवलर्स के बीच खास लोकप्रियता हासिल की है। यह छोटा हिल स्टेशन भीड़‑भाड़ से दूर, प्राकृतिक सुंदरता और शांति के लिए एक आदर्श जगह है।

खिरसू लगभग 1900 मीटर की ऊंचाई पर बसा है। साफ मौसम में यहां से हिमालय की बर्फीली चोटियां, जैसे नंदा देवी, त्रिशूल और पंचाचुली, दिखाई देती हैं। हरे-भरे जंगल, देवदार और पाइन के पेड़, सेब के बाग और खुली वादियाँ इसे प्रकृति प्रेमियों और साहसिक यात्रियों के लिए आकर्षक बनाते हैं।

राज्य पर्यटन विभाग ने इस जगह के लिए सड़क और लॉजिंग सुविधाओं का विस्तार किया है। अब पर्यटक आसानी से खिरसू पहुंच सकते हैं और स्थानीय होम-स्टे में आरामदायक ठहराव का आनंद ले सकते हैं। छोटे कैफे और स्थानीय भोजनालय भी यहां यात्रा के अनुभव को यादगार बनाते हैं।

खिरसू परिवार और अकेले यात्रा करने वालों दोनों के लिए उपयुक्त है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए सुरक्षित ट्रेल्स मौजूद हैं, जबकि युवा यात्री ट्रेकिंग, फोटोग्राफी और पिकनिक का पूरा मजा ले सकते हैं।

खिरसू तक सड़क मार्ग से पहुंचना आसान है। निकटतम बड़ा रेलवे स्टेशन कोटद्वार है, और हवाई यात्री जॉली ग्रांट एयरपोर्ट से 4-5 घंटे की ड्राइव में खिरसू पहुंच सकते हैं।

यह हिल स्टेशन इसलिए खास है क्योंकि यहां भीड़ नहीं है और पर्यावरण शांत और प्राकृतिक है। हिमालय का मनोरम दृश्य, साफ हवा और सुन्दर मौसम यात्रा को और यादगार बनाते हैं। बजट‑फ्रेंडली होम-स्टे और स्थानीय अनुभव इसे हर तरह के ट्रैवलर्स के लिए उपयुक्त बनाते हैं।

यदि आप 2026 में उत्तराखंड के कम जाने-माने हिल स्टेशनों की खोज में हैं, तो खिरसू आपकी यात्रा सूची में जरूर होना चाहिए। यह शांत वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता का अद्भुत मिश्रण पेश करता है, जो हर पर्यटक को मंत्रमुग्ध कर देता है।

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