ज़ायके का संगम: वो शहर जहाँ की सुबह कढ़ी कचौड़ी की खुशबू से होती है गुलज़ार

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  भारतीय खान-पान की दुनिया में कचौड़ी का नाम आते ही मन में एक करारा और तीखा स्वाद घुल जाता है, लेकिन जब इसी खस्ता कचौड़ी के ऊपर गरमा-गरम चटपटी कढ़ी डाली जाती है, तो वह स्वाद एक नया ही अनुभव बन जाता है। भारत के कई शहरों में कढ़ी-कचौड़ी केवल एक नाश्ता नहीं बल्कि वहाँ की जीवनशैली और संस्कृति का अहम हिस्सा है। राजस्थान का ajmer    शहर इस मामले में सबसे आगे है, जहाँ के केसरगंज और गोल प्याऊ जैसे इलाकों में सुबह होते ही कढ़ी-कचौड़ी की खुशबू हर गली में महकने लगती है। यहाँ की खास बात यह है कि दाल की कचौड़ी को मथकर उसके ऊपर बेसन की पतली और मसालेदार कढ़ी डाली जाती है, जो सेलिब्रिटीज से लेकर आम आदमी तक सबको दीवाना बना देती है। राजस्थान का ही एक और ज़िला bhartpur  अपनी छोटी कचौड़ियों के लिए 'सिटी ऑफ कचौड़ी' के नाम से विख्यात है। यहाँ कढ़ी के साथ छोटी-छोटी कुरकुरी कचौड़ियाँ परोसी जाती हैं, जो बाहरी पर्यटकों के लिए भी एक बड़ा आकर्षण हैं। इसके अलावाjalor  में दही और कढ़ी के साथ कचौड़ी का कॉम्बो काफी लोकप्रिय है। मध्य प्रदेश केindore  औरjallor जैसे शहरों में ...

भूकंप क्यों आते हैं धरती के हिलने के पीछे का सच


 भूकंप एक प्राकृतिक घटना है जो तब होती है जब हमारी धरती के अंदर अचानक बहुत ज़्यादा हलचल मच जाती है। असल में धरती ऊपर से जितनी शांत दिखती है, अंदर से उतनी ही ज़्यादा सक्रिय होती है। धरती की ऊपरी सतह कई बड़ी-बड़ी टुकड़ों में बंटी हुई है जिन्हें टेक्टोनिक प्लेट्स कहा जाता है। ये प्लेट्स हमेशा बहुत धीमी गति से इधर-उधर खिसकती रहती हैं। जब ये प्लेट्स आपस में टकराती हैं, एक-दूसरे से दूर जाती हैं या एक-दूसरे के नीचे घुस जाती हैं, तब इनके बीच ज़बरदस्त दबाव बन जाता है। जब यह दबाव धरती सहन नहीं कर पाती, तो वह अचानक बाहर निकलता है और यही झटका हमें भूकंप के रूप में महसूस होता है।

भूकंप आने की एक बड़ी वजह धरती के अंदर मौजूद फॉल्ट लाइन्स भी होती हैं। फॉल्ट लाइन वो जगह होती है जहाँ धरती की चट्टानें कमजोर होती हैं। जब इन जगहों पर लंबे समय तक दबाव जमा होता रहता है और अचानक चट्टानें टूटकर खिसक जाती हैं, तो ज़मीन हिलने लगती है। कई बार ज्वालामुखी फटने, ज़मीन के अंदर गैसों की हलचल या इंसानों द्वारा किए गए बड़े निर्माण कार्य जैसे बांध, खनन और परमाणु परीक्षण भी भूकंप को जन्म दे सकते हैं।

भूकंप हमें यह याद दिलाता है कि प्रकृति कितनी शक्तिशाली है और हमें इसके साथ संतुलन बनाकर रहना चाहिए। हालाँकि भूकंप को रोका नहीं जा सकता, लेकिन सही जानकारी, मजबूत इमारतें और सावधानी से इसके नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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