वृंदावन गार्डन: दक्षिण भारत का एक अनूठा और ऐतिहासिक सीढ़ीदार उद्यान

 


मैसूर का वृंदावन गार्डन अपनी सुंदरता और कलात्मकता के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। कावेरी नदी पर बने कृष्णराज सागर बांध के ठीक नीचे स्थित यह उद्यान मैसूर शहर से लगभग 19 किलोमीटर की दूरी पर है। 1927 में तत्कालीन दीवान सर मिर्जा इस्माइल की देखरेख में इसका निर्माण शुरू हुआ था, जो 1932 में जाकर पूरा हुआ। लगभग 60 एकड़ में फैला यह गार्डन सीढ़ीदार (terrace) शैली में बना है, जो कश्मीर के शालीमार बाग की याद दिलाता है।इस उद्यान की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ का म्यूजिकल फाउंटेन (संगीतमय फव्वारा) है, जहाँ पानी की लहरें संगीत की धुनों पर नृत्य करती हुई प्रतीत होती हैं। शाम के समय जब पूरा गार्डन रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठता है, तो इसका दृश्य किसी स्वर्ग से कम नहीं लगता। यहाँ की व्यवस्थित फूलों की क्यारियाँ, हरी-भरी घास के मैदान और शांत वातावरण पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। अपनी इसी खूबसूरती के कारण यह स्थान दशकों से भारतीय फिल्मों की शूटिंग के लिए एक पसंदीदा स्थल रहा है।वयस्क (Adults): ₹50 से ₹100 प्रति व्यक्ति (मई 2025 से शुल्क में वृद्धि की गई है).बच्चे (Children): ₹20 से ₹50 प्रति बच्चा (5 से 10 वर्ष की आयु के बीच).5 वर्ष से कम आयु के बच्चे: नि:शुल्क.

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