केरल की चौखट पर मानसून का पैगाम: बोलती कलम से बूंदों का सलाम

 

तपती, सुलगती और बेहाल करती गर्मी के बीच आखिरकार वो ठंडी फुहार आ ही गई जिसका पूरे हिंदुस्तान को बेसब्री से इंतजार था। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पुष्टि की है कि 4 जून 2026 को मानसून ने केरल के तट पर अपनी धमाकेदार दस्तक दे दी है। भले ही इस बार आगमन में 3 दिनों की मामूली देरी हुई, लेकिन बादलों की गड़गड़ाहट और बूंदों की झंकार ने आते ही प्रकृति को सराबोर कर दिया है। [1, 2, 3, 4, 5]

इस सुहाने मौसम पर हमारी 'बोलती कलम' कुछ यूँ गुनगुना उठी है:
"सुलगते जिस्म पर बूंदों की ये कैसी इनायत है,
धरा की प्यास बुझने की, गगन से फिर सिफारिश है।
केरल के साहिलों को चूम कर बादल ये बोले हैं,
तपिश अब ख़त्म होगी, अब तो बस सावन की बारिश है।"

आईएमडी (IMD) के मुताबिक, केरल के अलाप्पुझा, कोट्टायम और एर्नाकुलम जैसे कई जिलों में भारी बारिश का दौर शुरू हो चुका है। लक्षद्वीप और अरब सागर के रास्ते आगे बढ़ते हुए यह मानसूनी हवाएँ अब बहुत जल्द कर्नाटक, तमिलनाडु और फिर उत्तर भारत की ओर रुख करेंगी। किसान भाइयों के लिए यह खबर किसी उत्सव से कम नहीं है, क्योंकि उनके खेतों की उम्मीदें इन्हीं बूंदों से जिंदा होती हैं। [1, 2, 3, 4, 5]
आइए इस मानसून का स्वागत करें और दुआ करें कि यह बारिश हर घर में खुशहाली और राहत लेकर आ

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण आज से शुरू

दुनिया की पहली फोटो की कहानी

प्रतापगढ़ विलेज थीम रिज़ॉर्ट Haryana — शहर के शोर से दूर देहात की सुकून भरी झलक

कौसानी की चोटी से एक सुबह सूर्योदय ज़रूर देखें ,यह पल सचमुच जादुई है

चौखी धानी: जयपुर में संस्कृति, कला और देहात की आत्मा को भी अपने साथ समेटे हुए है