अलविदा 'सुरों की मल्लिका' दिग्गज गायिका सुमन कल्याणपुर का 89 वर्ष की आयु में निधन

 

भारतीय संगीत जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अपने मखमली और सुरीले कंठ से कई दशकों तक करोड़ों दिलों पर राज करने वाली मशहूर पार्श्व गायिका सुमन कल्याणपुर (Suman Kalyanpur) का रविवार, 31 मई 2026 की शाम निधन हो गया. उन्होंने 89 वर्ष की आयु में मुंबई स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली. उनके निधन की वजह बढ़ती उम्र और उससे जुड़ी बीमारियां बताई जा रही हैं. [1, 2, 3, 4, 5]

सुमन जी के जाने से संगीत के एक स्वर्णिम युग का अंत हो गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और संगीत जगत की तमाम बड़ी हस्तियों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है. [1, 2, 3]
गायिका की करीबी सहयोगी और उनकी जीवनी लिखने वाली मंगला खाडिलकर ने बताया कि सुमन जी ने बेहद शांति से अंतिम सांस ली. भावुक करने वाली बात यह है कि वे अपने आखिरी दिनों में बिस्तर पर 
28 जनवरी 1937 को अविभाजित भारत के ढाका (अब बांग्लादेश) में जन्मीं सुमन कल्याणपुर की आवाज में गजब की मिठास थी. उनकी आवाज स्वर कोकिला लता मंगेशकर से इतनी मिलती-जुलती थी कि शुरुआत में लोग अक्सर भ्रमित हो जाते थे. रेडियो सीलोन पर भी कई बार उनके गानों को बिना नाम या गलत नाम से चला दिया जाता था, जिसे लोग लता जी की आवाज समझ लेते थे. इसके बावजूद, उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत से फिल्म इंडस्ट्री में अपनी एक खास और स्वतंत्र पहचान बनाई. 
जब 1960 के दशक में रॉयल्टी विवाद के कारण लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी ने एक साथ गाना बंद कर दिया था, तब सुमन कल्याणपुर संगीतकारों की पहली पसंद बनीं. उन्होंने मोहम्मद रफी साहब के साथ 140 से ज्यादा सुपरहिट युगल (Duet) गीत गाए, जो आज भी अमर हैं. [1, 3, 4]
सुमन कल्याणपुर के कुछ सबसे लोकप्रिय सदाबहार गाने:आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे (फिल्म: ब्रह्मचारी)ना ना करते प्यार तुम्हीं से कर बैठे (फिल्म: जब जब फूल खिले)तुमने पुकारा और हम चले आए (फिल्म: राजकुमार)रहे न रहे हम महका करेंगे (फिल्म: ममता)बहना ने भाई की कलाई से प्यार बांधा है (रक्षाबंधन का प्रसिद्ध गीत) 
11 भाषाओं में गाए 3000 से ज्यादा गाने 
सुमन जी ने सिर्फ हिंदी ही नहीं, बल्कि मराठी, बंगाली, गुजराती, असमिया, भोजपुरी और ओड़िया समेत 11 से अधिक भाषाओं में 3000 से ज्यादा गानों को अपनी आवाज दी. कला और संगीत के क्षेत्र में उनके अद्वितीय योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें साल 2023 में देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान 'पद्म भूषण' से नवाजा था. [1, 3, 4]
संगीत की इस महान 'सुमन' का शारीरिक रूप से चले जाना फिल्म जगत के लिए अपूरणीय क्षति है, लेकिन उनकी जादुई और रूहानी आवाज हमेशा संगीत प्रेमियों के दिलों में जिंदा रहेगी. [1, 2]
भावभीनी श्रद्धांजलि! ओम शांति!

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