तालो में नैनीताल : उत्तराखंड का स्वर्ग

 


नैनीताल झीलों का शहर है। नैनी यहाँ की प्रमुख झील है, जिसके नाम पर इसका नाम नैनीताल पड़ा। नैनीताल को पहचान दिलाने का श्रेय पी. बेरून नमक चीनी व्यापारी को जाता है। अपने दोस्त के साथ वह यहां जब शिकार कर रहे थे, तो अचानक ही नैनी झील के किनारे पहुंच गये। यहां की खूबसूरती देखने के बाद उन्होंने अपना कारोबार छोड़ दिया और इस झील के किनारे यूरोपीय कालोनी बसाई। 

वर्ष 1841 में इंग्लिशमैन कलकत्ता नामक पत्रिका ने जब इस कालोनी और झील के बारे में बताया, तो नैनीताल सुर्ख़ियों में आ गया। पत्रिका ने अल्मोड़ा के आसपास नैनीताल नामक, एक खूबसूरत झील की खोज की बात कही थी। नतीजतन 1847 तक आते-आते नैनीताल पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन गया। यह कुमाऊं मंडल का मुख्यालय भी है। 

यहां का सबसे बड़ा शहर हल्द्वानी है।

मुख्य आकर्षणों में नैनादेवी मंदिर, हनुमान गढ़ी, मालरोड, एरियल रोपवे और नैना पीक जैसे स्थल गिने जाते हैं। नैनीताल को हिमालय का खूबसूरत गहना भी कहा जाता है।

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