लोग कहते हैं दुनिया तेजी से बदल रही है, लेकिन किस दिशा में ?

चित्र
  अक्सर लोगों को कहते सुना जाता है कि दुनिया बहुत तेजी से बदल रही है। पहले जैसा समय अब नहीं रहा। तकनीक बदल गई है, लोगों की सोच बदल रही है और जिंदगी जीने का तरीका भी पहले से अलग हो गया है। लेकिन कभी आपने रुककर सोचा है कि आखिर यह दुनिया बदल किस दिशा में रही है? क्या हम सच में बेहतर भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं, या सिर्फ हमारी जिंदगी की रफ्तार तेज हो गई है? तकनीक आगे बढ़ रही है, इंसान कितना आगे बढ़ा है? आज मोबाइल फोन के जरिए दुनिया के किसी भी कोने में बैठे व्यक्ति से कुछ ही सेकंड में बात की जा सकती है। इंटरनेट ने जानकारी को हमारी उंगलियों तक पहुँचा दिया है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे नए साधन कई कामों को आसान बना रहे हैं। जो काम पहले घंटों या दिनों में होते थे, उनमें से कई अब कुछ मिनटों में पूरे हो जाते हैं। यह बदलाव निश्चित रूप से हमारी जिंदगी को सुविधाजनक बना रहा है। लेकिन एक सवाल अब भी बाकी है। क्या तकनीक के आगे बढ़ने के साथ इंसान के भीतर भी उतना ही बदलाव आया है? हमारे पास दूसरों से जुड़े रहने के अधिक साधन हैं, फिर भी कई बार अपने ही लोगों के लिए समय निकालना मुश्किल हो जाता है। जिंदगी...

तालो में नैनीताल : उत्तराखंड का स्वर्ग

 


नैनीताल झीलों का शहर है। नैनी यहाँ की प्रमुख झील है, जिसके नाम पर इसका नाम नैनीताल पड़ा। नैनीताल को पहचान दिलाने का श्रेय पी. बेरून नमक चीनी व्यापारी को जाता है। अपने दोस्त के साथ वह यहां जब शिकार कर रहे थे, तो अचानक ही नैनी झील के किनारे पहुंच गये। यहां की खूबसूरती देखने के बाद उन्होंने अपना कारोबार छोड़ दिया और इस झील के किनारे यूरोपीय कालोनी बसाई। 

Also Read : वाराणसी,संगीत की आत्मा से जुड़ा शहर

वर्ष 1841 में इंग्लिशमैन कलकत्ता नामक पत्रिका ने जब इस कालोनी और झील के बारे में बताया, तो नैनीताल सुर्ख़ियों में आ गया। पत्रिका ने अल्मोड़ा के आसपास नैनीताल नामक, एक खूबसूरत झील की खोज की बात कही थी। नतीजतन 1847 तक आते-आते नैनीताल पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन गया। यह कुमाऊं मंडल का मुख्यालय भी है। यहां का सबसे बड़ा शहर हल्द्वानी है।

मुख्य आकर्षणों में नैनादेवी मंदिर, हनुमान गढ़ी, मालरोड, एरियल रोपवे और नैना पीक जैसे स्थल गिने जाते हैं। नैनीताल को हिमालय का खूबसूरत गहना भी कहा जाता है।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण आज से शुरू

दुनिया की पहली फोटो की कहानी

प्रतापगढ़ विलेज थीम रिज़ॉर्ट Haryana — शहर के शोर से दूर देहात की सुकून भरी झलक

चौखी धानी: जयपुर में संस्कृति, कला और देहात की आत्मा को भी अपने साथ समेटे हुए है

कौसानी की चोटी से एक सुबह सूर्योदय ज़रूर देखें ,यह पल सचमुच जादुई है