फोन पर वीडियो देखने का नशा: कितना खतरनाक है?

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  सुबह आंख खुलते ही फोन पर वीडियो देखना, खाना खाते समय रील्स चलाना, खाली समय में लगातार शॉर्ट वीडियो स्क्रॉल करना और रात को सोने से पहले “बस एक वीडियो और” कहना—आज यह आदत बहुत सामान्य हो गई है। वीडियो देखना अपने आप में नुकसानदायक नहीं है। फोन से मनोरंजन के साथ-साथ पढ़ाई, समाचार और जानकारी भी मिलती है। समस्या तब शुरू होती है जब वीडियो देखने का समय हमारे नियंत्रण से बाहर होने लगे और जरूरी काम, नींद, पढ़ाई, नौकरी या परिवार के साथ बिताया समय पीछे छूटने लगे। यही वजह है कि फोन पर वीडियो देखने की आदत कब सामान्य मनोरंजन से आगे बढ़ जाती है और कब चिंता का कारण बन सकती है, इसे समझना जरूरी है। क्या फोन पर वीडियो देखना सच में “नशा” है? बोलचाल की भाषा में लोग किसी ऐसी आदत को “नशा” कह देते हैं जिसे छोड़ना मुश्किल महसूस हो। लेकिन हर व्यक्ति जो लंबे समय तक वीडियो देखता है, उसे चिकित्सकीय रूप से “आदी” कहना सही नहीं होगा। असल चिंता तब होती है जब व्यक्ति वीडियो देखने पर नियंत्रण नहीं रख पाता, दूसरी जरूरी गतिविधियों पर उसका असर पड़ने लगता है और नुकसान दिखाई देने के बावजूद वह अपनी आदत को कम नहीं कर पाता।...

खर मास 15 मार्च से 15 अप्रैल, क्या करें, क्या न करें

 


ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब भी सूर्य देव देवगुरु बृहस्पति की राशि में गोचर करते हैं, तो उस अवधि को खरमास या मलमास कहा जाता है। यह अवधि (Kharmas 2026) पूरे एक महीने तक, यानी 14 अप्रैल 2026 तक चलेगी, जब तक सूर्य देव मेष राशि में प्रवेश नहीं कर जाते। धार्मिक दृष्टि से इस एक महीने को मांगलिक कामों के लिए अशुभ माना जाता है। 

आइए जानते हैं कि इस दौरान सुख-समृद्धि बनाए रखने के लिए आपको क्या करना चाहिए और क्या नहीं?खरमास के दौरान विवाह, सगाई या रोका जैसे शुभ कार्य पूरी तरह से वर्जित होते हैं।

इस एक महीने में नए घर में प्रवेश, नई प्रॉपर्टी की खरीदारी या बच्चों का मुंडन संस्कार भूलकर भी न करें।कोई भी नया बिजनेस, नई नौकरी की शुरुआत या बड़ा निवेश खरमास के दौरान टाल देना चाहिए, क्योंकि इससे मनचाही सफलता नहीं मिल पाती।इस पूरे महीने सात्विकता का पालन करें। इस दौरा मांस, मदिरा, लहसुन और प्याज के सेवन से बचना चाहिए।

खरमास में भगवान सूर्य की पूजा का सबसे अधिक महत्व है। ऐसे में रोजाना सुबह उठकर तांबे के लोटे से सूर्य देव को अर्घ्य दें और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।यह समय धार्मिक कामों के लिए बहुत अच्छा है। ऐसे में विष्णु सहस्रनाम का पाठ और ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जप करें। इससे आपके जीवन की हर बाधा दूर हो जाएगी।इस महीने में जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और पीले रंग की वस्तुओं का दान करना बहुत फलदायी होता है।इस दौरान गंगा या किसी अन्य पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए। इससे मन शांत होता है और जीवन सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

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