पहली बार रणथंभौर जा रहे हैं? टाइगर सफारी, सही समय और ट्रिप प्लान की पूरी जानकारी

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  अगर आप पहली बार रणथंभौर घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो आपके मन में कई सवाल होंगे—रणथंभौर कब जाना चाहिए, कितने दिन रुकना सही रहेगा, टाइगर सफारी कैसे बुक करें, एक सफारी काफी है या दो करनी चाहिए और सबसे बड़ा सवाल, क्या रणथंभौर में बाघ जरूर दिखाई देता है? इन सवालों के जवाब जानना इसलिए जरूरी है क्योंकि रणथंभौर की यात्रा किसी सामान्य sightseeing trip जैसी नहीं है। यहां आपका अनुभव मौसम, सफारी के समय, जंगल की परिस्थितियों और थोड़े से भाग्य पर भी निर्भर करता है। मेरी नजर में रणथंभौर को सिर्फ “बाघ देखने की जगह” समझना सबसे बड़ी गलती होगी। सवाई माधोपुर के पास स्थित यह इलाका जंगल, झीलों, पहाड़ियों, वन्यजीवों और ऐतिहासिक रणथंभौर किले का ऐसा मेल है, जहां एक ही यात्रा में आपको प्रकृति और इतिहास दोनों को करीब से देखने का मौका मिलता है। अगर आप अपनी पहली यात्रा को थोड़ा सोच-समझकर प्लान करते हैं, तो सिर्फ एक सफारी के बजाय पूरा रणथंभौर अनुभव करना ज्यादा यादगार हो सकता है। पहली बार रणथंभौर जाने के लिए कितने दिन काफी हैं? अगर आप पहली बार रणथंभौर जा रहे हैं, तो 2 रात और 3 दिन का trip एक अच्छा विकल्...

switzerland 57 किलोमीटर लंबी इस दोहरी सुरंग का नाम गोटहार्ड है


 57 किलोमीटर लंबी इस दोहरी सुरंग का नाम गोटहार्ड है जो आल्प्स पर्वतों के नीचे से उत्तरी और दक्षिणी यूरोप को तेज़ गति वाली रेल सेवा से जोड़ेगी.स्विट्ज़रलैंड का कहना है कि ये सुरंग यूरोप में मालवाहक परिवहन में क्रांतिकारी क़दम होगा.ये रेल लिंक नीदरलैंड्स के रोटरडैम और इटली के गेनोआ को जोड़ेगा.अभी तक इस मार्ग पर सामान की ढुलाई लाखों ट्रकों से होती रही है, लेकिन अब वो सामान इस सुरंग के ज़रिए रेल से जा सकेगा.

अभी तक दुनिया में सबसे लंबी सुरंग जापान की 53.9 किमी 'सेइकन रेल' सुरंग थी. लेकिन अब ये उपलब्धि गोटहार्ड के नाम हो गई है. फ्रांस और ब्रिटेन को जोड़ने वाली 50.5 किलोमीटर लंबी चैनल सुरंग अब तीसरे स्थान पर आ गई है.गोटहार्ड रेल सुरंग के भव्य उद्घाटन समारोह में स्विस अधिकारियों के साथ साथ जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल, फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद और इटली के प्रधानमंत्री मैतो रेंज़ी भी मौजूद रहेंगे.स्विट्ज़रलैंड के फेडरल ट्रांसपोर्ट ऑफिस के निदेशक पीटर फ्यूगलिस्टर ने रॉयटर्स समाचार एजेंसी को बताया, "यह स्विस पहचान का हिस्सा हैगोटहार्ड दुनिया की सबसे गहरी सुरंग है. ये धरातल से 2.3 किलोमीटर नीचे है, जहां तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक है. इसके ऊपर ऊंचे ऊंचे पहाड़ हैं.

गोटहार्ड सुरंग की खुदाई के दौरान इंजीनियरों को 73 विभिन्न प्रकार के पत्थरों की खुदाई करनी पड़ी. इनमें से कुछ ग्रेनाइट की तरह सख़्त और कुछ चीनी की तरह मुलायम थे. इस दौरान 2.8 करोड़ टन पत्थर निकाले गए.

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