गोंधल क्या है? मराठी परंपरा से ऑस्कर तक

चित्र
  Gondhal Oscar 2027: मराठी फिल्म ‘गोंधल’ के भारत की आधिकारिक ऑस्कर एंट्री बनने के बाद महाराष्ट्र की एक पारंपरिक लोक-विधि भी चर्चा में आ गई है। आखिर गोंधल क्या है और इस परंपरा का फिल्म से क्या संबंध है? आइए समझते हैं। गोंधल आखिर होता क्या है? महाराष्ट्र में गोंधल एक पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान और लोक-प्रस्तुति है, जिसमें भक्ति, संगीत, गायन और नृत्य का मेल देखने को मिलता है। यह परंपरा कुछ परिवारों में कुलदेवता की पूजा और शुभ अवसरों से जुड़ी रही है। महाराष्ट्र के मराठी विश्वकोश के अनुसार, गोंधल देवी की स्तुति और पूजा से जुड़ा एक कुलाचार है। गोंधल की प्रस्तुति करने वाले कलाकारों को गोंधली कहा जाता है। पारंपरिक प्रस्तुति में देवी-देवताओं की स्तुति, लोकगीत, वाद्य संगीत और नृत्य शामिल होते हैं। शादी जैसे शुभ अवसरों पर भी होती है यह परंपरा गोंधल का संबंध महाराष्ट्र के कुछ परिवारों में विवाह और दूसरे मंगल अवसरों से रहा है। महाराष्ट्र सरकार के गजेटियर में भी इसका उल्लेख मिलता है कि शुभ अवसर के बाद देवी की पूजा और स्तुति के लिए गोंधल की प्रस्तुति की जाती थी। इस दौरान रात में संगीत और नृत्य ...

सैयारा: 2025 का सबसे लोकप्रिय हिंदी गीत

   

एक अन्य स्टोरी ,दुनिया की पहली फिल्म और सिनेमा के जन्म के बारे में भी पढ़ें               YouTube पर रिलीज़ होने के कुछ ही हफ्तों में इसने करोड़ों व्यूज़ पा लिए

सैयारा – ये सिर्फ़ एक गीत नहीं, बल्कि एक एहसास है जिसे हर उस दिल ने महसूस किया है जो कभी प्यार में पड़ा है या उससे बिछड़ गया है। 2025 में जब यह गाना रिलीज़ हुआ, तब किसी को अंदाज़ा नहीं था कि यह गाना लाखों लोगों की ज़िंदगी का हिस्सा बन जाएगा। अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल की आवाज़ों ने जैसे इसमें जान डाल दी हो। उनकी गायकी में जो दर्द, मोहब्बत और सुकून है, वो सीधे दिल को छू जाता है।

गाने के बोल इरशाद कामिल ने लिखे हैं, जिनकी कलम ने हमेशा दिलों की भाषा बोली है। “तू दूर है फिर भी दिल के पास है” जैसी पंक्तियाँ उन रिश्तों की कहानी कहती हैं जो साथ तो नहीं, लेकिन एक-दूसरे से जुदा भी नहीं। प्रीतम का संगीत इस पूरे माहौल को और भी गहराई देता है। न कोई भारी वाद्य यंत्र, न कोई दिखावा — बस सादगी में डूबा हुआ संगीत, जो हर शब्द को महसूस कराता है।

इस गाने की ख़ास बात ये है कि यह सिर्फ़ एक प्रेम कहानी नहीं कहता, बल्कि एक अधूरी मोहब्बत का आईना है। बहुत से लोग जो किसी को चाहकर भी साथ नहीं पा सके, उन्होंने इस गीत में खुद को पाया। यही वजह है कि "सैयारा" भारत ही नहीं, पूरी दुनिया में लोगों की प्लेलिस्ट का हिस्सा बन गया।

YouTube पर रिलीज़ होने के कुछ ही हफ्तों में इसने करोड़ों व्यूज़ पा लिए, Spotify और JioSaavn जैसे म्यूज़िक ऐप्स पर यह महीनों तक टॉप ट्रेंड में बना रहा।Billboard Global Excl. US लिस्ट में इसकी एंट्री ने दिखा दिया कि एक सच्चा, दिल से निकला हुआ गाना कहीं भी पहुँच सकता है।

वीडियो में रणवीर कपूर और कियारा आडवाणी की जोड़ी ने कहानी को और भी दिलचस्प बना दिया। हिमालय की वादियों में फिल्माया गया यह गाना सिर्फ़ सुनने में नहीं, देखने में भी सुकून देता है। हर सीन एक तस्वीर की तरह दिल में बस जाता है।

सैयारा की सबसे बड़ी खूबी इसकी सच्चाई है — न ओवरड्रामेटिक संगीत, न दिखावटी भावनाएं। बस एक सीधा, सच्चा, और दिल से निकला गीत जो सुनने वाले को अपने आप में समा लेता है।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण आज से शुरू

दुनिया की पहली फोटो की कहानी

प्रतापगढ़ विलेज थीम रिज़ॉर्ट Haryana — शहर के शोर से दूर देहात की सुकून भरी झलक

कौसानी की चोटी से एक सुबह सूर्योदय ज़रूर देखें ,यह पल सचमुच जादुई है

चौखी धानी: जयपुर में संस्कृति, कला और देहात की आत्मा को भी अपने साथ समेटे हुए है