फोन पर वीडियो देखने का नशा: कितना खतरनाक है?

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  सुबह आंख खुलते ही फोन पर वीडियो देखना, खाना खाते समय रील्स चलाना, खाली समय में लगातार शॉर्ट वीडियो स्क्रॉल करना और रात को सोने से पहले “बस एक वीडियो और” कहना—आज यह आदत बहुत सामान्य हो गई है। वीडियो देखना अपने आप में नुकसानदायक नहीं है। फोन से मनोरंजन के साथ-साथ पढ़ाई, समाचार और जानकारी भी मिलती है। समस्या तब शुरू होती है जब वीडियो देखने का समय हमारे नियंत्रण से बाहर होने लगे और जरूरी काम, नींद, पढ़ाई, नौकरी या परिवार के साथ बिताया समय पीछे छूटने लगे। यही वजह है कि फोन पर वीडियो देखने की आदत कब सामान्य मनोरंजन से आगे बढ़ जाती है और कब चिंता का कारण बन सकती है, इसे समझना जरूरी है। क्या फोन पर वीडियो देखना सच में “नशा” है? बोलचाल की भाषा में लोग किसी ऐसी आदत को “नशा” कह देते हैं जिसे छोड़ना मुश्किल महसूस हो। लेकिन हर व्यक्ति जो लंबे समय तक वीडियो देखता है, उसे चिकित्सकीय रूप से “आदी” कहना सही नहीं होगा। असल चिंता तब होती है जब व्यक्ति वीडियो देखने पर नियंत्रण नहीं रख पाता, दूसरी जरूरी गतिविधियों पर उसका असर पड़ने लगता है और नुकसान दिखाई देने के बावजूद वह अपनी आदत को कम नहीं कर पाता।...

पोर्तो भारतियों के लिए यूरोप में घर जैसा शहर

पुर्तगाल में भारतीयों का शहर
यदि आप यूरोप में कहीं ऐसा शहर ढूँढ रहे हैं, जहाँ संस्कृति, इतिहास और भारतीय जुड़ाव तीनों मिलें, तो पोर्तो, पुर्तगाल आपके लिए सही जगह है। यहाँ की भारतीय समुदाय इसे भारतियों के लिए “घर जैसा” अनुभव देती है। पोर्तो में भारतीय छात्र, सूचना प्रौद्योगिकी पेशेवर, व्यवसायी और उनके परिवार रहते हैं। शहर के विभिन्न हिस्सों में भारतीय किराना दुकानें, भोजनालय और सांस्कृतिक केंद्र देखने को मिलते हैं। यहाँ भारत के त्योहार जैसे दिवाली, होली और गणेश चतुर्थी भी बड़े धूमधाम से मनाए जाते हैं।

भारतीय समुदाय के कारण पोर्तो में आपको कहीं भी भारत की छोटी झलक मिल जाएगीचाहे वह मसालेदार खाना हो, योग कक्षा हो, या स्थानीय बाजार में भारतीय उत्पाद। यह एहसास पोर्तो को अन्य यूरोपीय शहरों से अलग बनाता है।

पोर्तो की खूबसूरती और जीवनशैली

पोर्तो का रिबेरा जिला रंगीन इमारतों और संकरी गलियों से भरा है। डॉम लुइस प्रथम पुल पर खड़ा होकर डोरू नदी की ताजगी और शहर की खूबसूरती देखना किसी सपना जैसा अनुभव है। पोर्तो का इतिहास, पुराने चर्च और साओ बेंटो रेलवे स्टेशन की मोज़ाइक कला इसे यूरोप के सबसे आकर्षक शहरों में से एक बनाती है।

पोर्तो में यात्रा करने का सबसे अच्छा समय अप्रैल से जून और सितंबर से अक्टूबर है। मौसम न ज्यादा गर्म होता है और न ही ज्यादा ठंडा। इस समय आप शहर की गलियों, नदी किनारे और आसपास के अंगूर के बागानों का आनंद शांति से ले सकते हैं।

पोर्तो भारतीयों के लिए खास इसलिए भी है क्योंकि यहाँ भारतीय भोजनालय आसानी से मिल जाते हैं। स्थानीय पुर्तगाली व्यंजन जैसे फ्रांसेसिन्हा और बाकलाऊ का अनुभव भी लिया जा सकता है। शहर के बाजारों में मसाले, दालें और अन्य भारतीय किराना वस्तुएँ आसानी से मिलती हैं।

पोर्तो यूरोप के सबसे सुरक्षित शहरों में से एक है। यहाँ की स्वच्छ सड़कें, दोस्ताना स्थानीय लोग और सार्वजनिक परिवहन सभी भारतीयों के लिए इसे आदर्श बनाते हैं। यहाँ आप अकेले या परिवार के साथ भी घूम सकते हैं, बिना किसी डर या चिंता के। 

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