ज़ायके का संगम: वो शहर जहाँ की सुबह कढ़ी कचौड़ी की खुशबू से होती है गुलज़ार
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| पुर्तगाल में भारतीयों का शहर |
भारतीय समुदाय के कारण पोर्तो में आपको कहीं भी भारत की छोटी झलक मिल जाएगीचाहे वह मसालेदार खाना हो, योग कक्षा हो, या स्थानीय बाजार में भारतीय उत्पाद। यह एहसास पोर्तो को अन्य यूरोपीय शहरों से अलग बनाता है।
पोर्तो का रिबेरा जिला रंगीन इमारतों और संकरी गलियों से भरा है। डॉम लुइस प्रथम पुल पर खड़ा होकर डोरू नदी की ताजगी और शहर की खूबसूरती देखना किसी सपना जैसा अनुभव है। पोर्तो का इतिहास, पुराने चर्च और साओ बेंटो रेलवे स्टेशन की मोज़ाइक कला इसे यूरोप के सबसे आकर्षक शहरों में से एक बनाती है।
पोर्तो में यात्रा करने का सबसे अच्छा समय अप्रैल से जून और सितंबर से अक्टूबर है। मौसम न ज्यादा गर्म होता है और न ही ज्यादा ठंडा। इस समय आप शहर की गलियों, नदी किनारे और आसपास के अंगूर के बागानों का आनंद शांति से ले सकते हैं।
पोर्तो भारतीयों के लिए खास इसलिए भी है क्योंकि यहाँ भारतीय भोजनालय आसानी से मिल जाते हैं। स्थानीय पुर्तगाली व्यंजन जैसे फ्रांसेसिन्हा और बाकलाऊ का अनुभव भी लिया जा सकता है। शहर के बाजारों में मसाले, दालें और अन्य भारतीय किराना वस्तुएँ आसानी से मिलती हैं।
पोर्तो यूरोप के सबसे सुरक्षित शहरों में से एक है। यहाँ की स्वच्छ सड़कें, दोस्ताना स्थानीय लोग और सार्वजनिक परिवहन सभी भारतीयों के लिए इसे आदर्श बनाते हैं। यहाँ आप अकेले या परिवार के साथ भी घूम सकते हैं, बिना किसी डर या चिंता के।
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