फोन पर वीडियो देखने का नशा: कितना खतरनाक है?

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  सुबह आंख खुलते ही फोन पर वीडियो देखना, खाना खाते समय रील्स चलाना, खाली समय में लगातार शॉर्ट वीडियो स्क्रॉल करना और रात को सोने से पहले “बस एक वीडियो और” कहना—आज यह आदत बहुत सामान्य हो गई है। वीडियो देखना अपने आप में नुकसानदायक नहीं है। फोन से मनोरंजन के साथ-साथ पढ़ाई, समाचार और जानकारी भी मिलती है। समस्या तब शुरू होती है जब वीडियो देखने का समय हमारे नियंत्रण से बाहर होने लगे और जरूरी काम, नींद, पढ़ाई, नौकरी या परिवार के साथ बिताया समय पीछे छूटने लगे। यही वजह है कि फोन पर वीडियो देखने की आदत कब सामान्य मनोरंजन से आगे बढ़ जाती है और कब चिंता का कारण बन सकती है, इसे समझना जरूरी है। क्या फोन पर वीडियो देखना सच में “नशा” है? बोलचाल की भाषा में लोग किसी ऐसी आदत को “नशा” कह देते हैं जिसे छोड़ना मुश्किल महसूस हो। लेकिन हर व्यक्ति जो लंबे समय तक वीडियो देखता है, उसे चिकित्सकीय रूप से “आदी” कहना सही नहीं होगा। असल चिंता तब होती है जब व्यक्ति वीडियो देखने पर नियंत्रण नहीं रख पाता, दूसरी जरूरी गतिविधियों पर उसका असर पड़ने लगता है और नुकसान दिखाई देने के बावजूद वह अपनी आदत को कम नहीं कर पाता।...

अमेरिका से उठी भारतीय संगीत की वैश्विक गूंज: राजा कुमारी

 

अमेरिका में जन्मी राजा कुमारी का असली नाम स्वेता यल्लाप्रगडा राव है। बचपन से ही उनके जीवन में दो संस्कृतियाँ साथ-साथ चलती रहीं—एक ओर अमेरिका की आधुनिक दुनिया, दूसरी ओर भारत की परंपराएँ। उनके माता-पिता चाहते थे कि बेटी अपनी भारतीय जड़ों से जुड़ी रहे, इसलिए छोटी उम्र में ही उन्हें कुचिपुड़ी नृत्य और भारतीय संगीत की शिक्षा दी गई। उस समय शायद किसी ने नहीं सोचा था कि यही भारतीय संस्कार एक दिन उन्हें दुनिया के सबसे बड़े मंचों तक ले जाएंगे।

राजा कुमारी ने जब संगीत की दुनिया में कदम रखा, तो रास्ता आसान नहीं था। हिप-हॉप और रैप जैसे पश्चिमी संगीत में एक भारतीय लड़की के लिए अपनी पहचान बनाना चुनौतीपूर्ण था। लेकिन राजा ने खुद को बदलने के बजाय अपनी पहचान को ही अपनी ताकत बना लिया। उन्होंने अपने गानों में भारतीय देवी-देवताओं, संस्कृति, नारी शक्ति और आत्मसम्मान को रैप के ज़रिए दुनिया के सामने रखा। यही कारण है कि उन्होंने Gwen Stefani, Iggy Azalea और Fall Out Boy जैसे अंतरराष्ट्रीय कलाकारों के साथ काम किया।

राजा कुमारी की कहानी सिर्फ सफलता की नहीं, बल्कि खुद को स्वीकार करने की कहानी है। उन्होंने यह साबित किया कि भारतीय होना कभी भी कमजोरी नहीं, बल्कि एक अनोखी ताकत हो सकती है। आज वे दुनिया भर में भारतीय युवाओं, खासकर लड़कियों के लिए प्रेरणा हैं—जो यह सिखाती हैं कि अगर आप अपनी जड़ों से जुड़े रहें और अपने सपनों पर विश्वास करें, तो दुनिया आपको ज़रूर सुनेगी।

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