ज़ायके का संगम: वो शहर जहाँ की सुबह कढ़ी कचौड़ी की खुशबू से होती है गुलज़ार

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  भारतीय खान-पान की दुनिया में कचौड़ी का नाम आते ही मन में एक करारा और तीखा स्वाद घुल जाता है, लेकिन जब इसी खस्ता कचौड़ी के ऊपर गरमा-गरम चटपटी कढ़ी डाली जाती है, तो वह स्वाद एक नया ही अनुभव बन जाता है। भारत के कई शहरों में कढ़ी-कचौड़ी केवल एक नाश्ता नहीं बल्कि वहाँ की जीवनशैली और संस्कृति का अहम हिस्सा है। राजस्थान का ajmer    शहर इस मामले में सबसे आगे है, जहाँ के केसरगंज और गोल प्याऊ जैसे इलाकों में सुबह होते ही कढ़ी-कचौड़ी की खुशबू हर गली में महकने लगती है। यहाँ की खास बात यह है कि दाल की कचौड़ी को मथकर उसके ऊपर बेसन की पतली और मसालेदार कढ़ी डाली जाती है, जो सेलिब्रिटीज से लेकर आम आदमी तक सबको दीवाना बना देती है। राजस्थान का ही एक और ज़िला bhartpur  अपनी छोटी कचौड़ियों के लिए 'सिटी ऑफ कचौड़ी' के नाम से विख्यात है। यहाँ कढ़ी के साथ छोटी-छोटी कुरकुरी कचौड़ियाँ परोसी जाती हैं, जो बाहरी पर्यटकों के लिए भी एक बड़ा आकर्षण हैं। इसके अलावाjalor  में दही और कढ़ी के साथ कचौड़ी का कॉम्बो काफी लोकप्रिय है। मध्य प्रदेश केindore  औरjallor जैसे शहरों में ...

कन्याकुमारी का सूर्यास्त: जहाँ दिन करता है खुद से विदा की बात

 


भारत के दक्षिणी छोर पर स्थित कन्याकुमारी केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि भावनाओं और प्रकृति का अद्भुत संगम है। यहाँ का सूर्यास्त ऐसा अनुभव है जो शब्दों में पूरी तरह बाँधा नहीं जा सकता। जब सूरज धीरे-धीरे बंगाल की खाड़ी, अरब सागर और हिंद महासागर के संगम में समा जाता है, तब आकाश रंगों की कविता बन जाता है।

शाम के समय समुद्र किनारे खड़े होकर सूर्यास्त देखना एक अलग ही शांति देता है। सुनहरी, नारंगी और गुलाबी रोशनी जब लहरों पर पड़ती है, तो ऐसा लगता है मानो प्रकृति स्वयं कोई चित्र बना रही हो। पर्यटक ही नहीं, स्थानीय लोग भी हर शाम इस दृश्य को देखने आते हैं।

कन्याकुमारी का सूर्यास्त इसलिए भी खास है क्योंकि यहाँ समुद्रों का त्रिवेणी संगम दिखाई देता है। दूर से विवेकानंद रॉक मेमोरियल और तिरुवल्लुवर की विशाल प्रतिमा इस दृश्य को और भी भव्य बना देती है। कैमरे में इस पल को कैद करना आसान है, लेकिन दिल में बसाना उससे भी आसान।

जो यात्री शांति, आत्मचिंतन और प्राकृतिक सौंदर्य की तलाश में हैं, उनके लिए कन्याकुमारी का सूर्यास्त एक अविस्मरणीय अनुभव है। यहाँ आकर महसूस होता है कि कभी-कभी रुककर बस सूरज को डूबते देखना भी जीवन का एक सुंदर सबक होता है।

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