ज़ायके का संगम: वो शहर जहाँ की सुबह कढ़ी कचौड़ी की खुशबू से होती है गुलज़ार

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  भारतीय खान-पान की दुनिया में कचौड़ी का नाम आते ही मन में एक करारा और तीखा स्वाद घुल जाता है, लेकिन जब इसी खस्ता कचौड़ी के ऊपर गरमा-गरम चटपटी कढ़ी डाली जाती है, तो वह स्वाद एक नया ही अनुभव बन जाता है। भारत के कई शहरों में कढ़ी-कचौड़ी केवल एक नाश्ता नहीं बल्कि वहाँ की जीवनशैली और संस्कृति का अहम हिस्सा है। राजस्थान का ajmer    शहर इस मामले में सबसे आगे है, जहाँ के केसरगंज और गोल प्याऊ जैसे इलाकों में सुबह होते ही कढ़ी-कचौड़ी की खुशबू हर गली में महकने लगती है। यहाँ की खास बात यह है कि दाल की कचौड़ी को मथकर उसके ऊपर बेसन की पतली और मसालेदार कढ़ी डाली जाती है, जो सेलिब्रिटीज से लेकर आम आदमी तक सबको दीवाना बना देती है। राजस्थान का ही एक और ज़िला bhartpur  अपनी छोटी कचौड़ियों के लिए 'सिटी ऑफ कचौड़ी' के नाम से विख्यात है। यहाँ कढ़ी के साथ छोटी-छोटी कुरकुरी कचौड़ियाँ परोसी जाती हैं, जो बाहरी पर्यटकों के लिए भी एक बड़ा आकर्षण हैं। इसके अलावाjalor  में दही और कढ़ी के साथ कचौड़ी का कॉम्बो काफी लोकप्रिय है। मध्य प्रदेश केindore  औरjallor जैसे शहरों में ...

मेहंदीपुर बालाजी: जहाँ विज्ञान भी नतमस्तक है


 राजस्थान की अरावली पर्वत श्रृंखलाओं के बीच बसा मेहंदीपुर बालाजी का धाम केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि एक जीवंत आस्था का केंद्र है जहाँ विज्ञान और तर्क भी हार मान लेते हैं। दौसा जिले में स्थित यह पावन स्थल हनुमान जी के 'बाल रूप' को समर्पित है, जिन्हें यहाँ संकट मोचन और दुखों के विनाशक के रूप में पूजा जाता है। इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता इसकी स्वयंभू मूर्ति है, जो किसी कलाकार के हाथों से नहीं बनी बल्कि चट्टान के एक हिस्से के रूप में प्रकट हुई है। इस मूर्ति के सीने के बाईं ओर एक सूक्ष्म छिद्र है जिससे निरंतर जल की धारा बहती रहती है, जिसे भक्तगण दिव्य चरणामृत के रूप में ग्रहण करते हैं।

यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कुछ विशेष नियम हैं जिनका पालन करना अनिवार्य माना जाता है, जैसे कि मंदिर परिसर के भीतर कुछ मर्यादाओं का पालन करना। कई भक्त अपनी श्रद्धा और विश्वास के साथ यहाँ विशेष अनुष्ठान करते हैं। सवामणी का भोग लगाने और दरख्वास्त करने की परंपराएँ भक्तों के अटूट विश्वास का प्रतीक हैं। मेहंदीपुर बालाजी का धाम उन लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है जो अपनी आस्था को गहरा करना चाहते हैं।

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