चिड़िया टापू: अंडमान का अद्भुत प्राकृतिक स्वर्ग
साउथ अंडमान के दक्षिणी सिरे पर स्थित यह छोटा सा द्वीप , श्री विजयपुरम से लगभग 28 किलोमीटर दूर, प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग जैसा अनुभव प्रस्तुत करता है। यहाँ की घनी मैंग्रोव वनस्पतियाँ और विदेशी पक्षियों की मधुर आवाज़ें इतिहास और संस्कृति की अनकही कहानियाँ बयां करती हैं। किंवदंतियों के अनुसार, चिड़िया टापू कभी स्वदेशी जरवा जनजाति के लिए पवित्र स्थल हुआ करता था। आज, यह द्वीप पर्यटकों के लिए विभिन्न अनुभवों का संगम है, जहाँ प्राकृतिक सुंदरता, जीवंत जैव विविधता और शांत वातावरण एक साथ मिलते हैं। समुद्र तट और प्राकृतिक दृश्य इस द्वीप का समुद्र तट घोड़े की नाल के आकार का है। एक तरफ हरे-भरे जंगल हैं और दूसरी तरफ विशाल चट्टानों ने इसे अपनी गोद में समेट रखा है। सुनहरी रेत समुद्र तट पर एक स्वागत कालीन की तरह बिछी हुई है, जबकि फ़िरोज़ी पानी धीरे-धीरे किनारे को छूता है। लहरों की लयबद्ध आवाज़ मानो निरंतर लोरी की तरह महसूस होती है। सूर्यास्त के समय समुद्र और आकाश का रंग-बिरंगा नजारा इस अनुभव को और भी यादगार बना देता है। यात्रा का अनुभव श्री विजयपुरम से चिड़िया टापू की यात्रा केवल सफ़र न...